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कारों से ज्यादा जरूरी है अस्पताल: कोरोना से जंग में मारुति सुजुकी ने गुजरात में शुरू किया मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल
Wed, 19 May 2021 01:02 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 19 May 2021 01:02 PM IST
सार
ऐसे समय में जब देश को चिकित्सा के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की मूलभूत जरूरत है, देश की सबसे बड़ी कार कंपनी Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) ने कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में बड़ा कदम उठाया है।
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Maruti Suzuki hospital in Gujarat Sitapur
- फोटो : Maruti Suzuki
विस्तार
देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का कहर जारी है। कोविड-19 संक्रमण से मरने वालों की मौतों का आंकड़ा हर दिन लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं, ऑक्सीजन और जरूरी दवाओं की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। इस समय जब देश को चिकित्सा के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की मूलभूत जरूरत है, देश की सबसे बड़ी कार कंपनी Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) ने कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में बड़ा कदम उठाया है। वाहन निर्माता ने गुजरात के सीतापुर में आधिकारिक रूप से एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल की शुरुआत के लिए Zydus (जाइडस) हॉस्पिटल्स के साथ हाथ मिलाया है। इस अस्पताल की पूरी फंडिंग वाहन निर्माता की संस्था मारुति सुजुकी फाउंडेशन ने अपने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल के तहत किया है। इस अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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मारुति सुजुकी ने बताया कि यह अस्पताल सीतापुर और उसके आस-पास के गांवों में करीब 3.75 लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराएगा। इस समय इस अस्पताल में 50 बेड की सुविधा उपलब्ध है, जिसे 100 बेड तक बढ़ाया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि इस अस्पताल को 126 करोड़ रुपये की लागत के साथ 7.5 एकड़ जमीन पर बनाया गया है। इसके साथ ही यह इस इलाके का पहला मल्टी-स्पेशियलिटी सर्विस वाला अस्पताल है।
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मारुति सुजुकी की एक उत्पादन इकाई गुजरात के हंसलपुर में है। इस प्लांट में हर साल 5 लाख यूनिट्स के उत्पादन की क्षमता है। लेकिन इस इलाके में बेहतर चिकित्सा सेवाओं की कमी एक चिंता का विषय थी। मारुति सुजुकी इंडिया के एमडी और सीईओ केनिची आयुकावा कहते हैं, ''जब हमारा गुजरात कार प्लांट शुरू हुआ था, तब इस क्षेत्र में कोई बड़ी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं थी। हमने इस इलाके के सभी लोगों के फायदे के लिए एक अच्छी गुणवत्ता वाला मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल बनाने का फैसला किया। इसके लिए स्वास्थ्य सेवा में सबसे बेहतरीन नामों में शुमार जायडस हॉस्पिटल्स के साथ साझेदारी की।"
इसके साथ ही वे कहते हैं कि, "इस अस्पताल की योजना कोविड-19 महामारी से पहले ही बना ली गई थी। कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में मदद के लिए हमने इस अस्पताल को अब एक कोविड स्वास्थ्य सेवा केंद्र में बदल दिया है, ताकि मरीजों का इलाज किया जा सके।"
भारत में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के खिलाफ लड़ाई में सीधे तौर पर या अप्रत्यक्ष तरीके से मदद के लिए कई ऑटो कंपनियां सामने आई हैं। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व दबाव है और ज्यादतर राज्यों द्वारा प्रतिबंध और लॉकडाउन लागू करने के साथ, समय पर चिकित्सा सहायता मुहैया करने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
भारत में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के खिलाफ लड़ाई में सीधे तौर पर या अप्रत्यक्ष तरीके से मदद के लिए कई ऑटो कंपनियां सामने आई हैं। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व दबाव है और ज्यादतर राज्यों द्वारा प्रतिबंध और लॉकडाउन लागू करने के साथ, समय पर चिकित्सा सहायता मुहैया करने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
बता दें कि बता दें कि कोरोना महामारी के दस्तक देने से लेकर अब तक पहली बार एक दिन में रिकॉर्ड 4529 लोगों ने कोरोना संक्रमण के चलते दम तोड़ा है। यह देश में कोरोना से एक दिन में हुई मौतों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे एक दिन पहले 4,329 लोगों की मौत हुई थी। इसके साथ ही कोविड से मरने वालों की संख्या 2,83,248 पहुंच गई। बता दें कि देश में पिछले करीब एक हफ्ते से हर रोज कोरोना से 4 हजार से अधिक लोगों की मौत होने का सिलसिला जारी है।