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आखिर कार कंपनियां क्यों छिपाती हैं रिटेल बिक्री के आंकड़े, मारुति और महिंद्रा ने उठाए सवाल
Mon, 04 Nov 2019 03:40 PM IST
Harendra Chaudhary
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Mon, 04 Nov 2019 03:40 PM IST
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महिंद्रा एंड महिंद्रा चेयरमैन आनंद महिंद्रा और मारुति सुजुकी की चेयरमैन आरसी भार्गव ने होलसेल आंकड़ों की बजाय रिटेल आंकड़े जारी करने की वकालत की है। इससे पहले भी ऑटोमोबाइल सेक्टर के कई दिग्गज आवाज उठा चुके हैं। हालांकि इस पर अंतिम फैसला ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के संगठन सियाम को लेना है।
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हाल ही में जारी अक्टूबर के बिक्री के आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर ऑटो कपनियों की रिटेल बिक्री में बढ़ोतरी हुई है, हालांकि उन्होंने रिटेल बिक्री के सटीक आंकड़े जारी नहीं किए हैं। वहीं मारुति सुजुकी के अलावा इन सभी कंपनियों के होलसेल आंकड़े निगेटिव में रहे हैं। वैश्विक नियमों से उलट भारतीय वाहन निर्माता कंपनियां केवल वही होलसेल आंकड़े ही जारी करती हैं, जो फैक्टरी से डीलर्स को भेजे जाते हैं।
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वहीं रिटेल आंकड़े जारी होने से ऑटो इंडस्ट्री की असलियत पता चलेगी। रिटेल आंकड़े जारी होने से पता पाएगा कि असल में कितने ग्राहकों ने डीलर से गाड़ियां खरीदी हैं। कई बार इन आंकड़ों में अंतर होता है और होलसेल आंकड़े ग्राहकों की सोच की सही तौर पर जाहिर नहीं करते हैं। महिंद्रा एंड महिंद्रा के एमडी पवन गोयंका का कहना है कि इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि रिटेल आंकड़े बाजार प्रदर्शन को सही तरह से दर्शाते हैं और महिंद्रा रिटेल आंकड़े ही जारी करती है। लेकिन यह इतना आसान नहीं है।
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टाटा मोटर्स के पैसेजेंर व्हीकल्स बिजनेस के अध्यक्ष मयंक पारीक ने ईटी को बताया कि होलसेल आंकड़ों में कमी लाने के प्रयास इस इंडस्ट्री के माइंडसेट को बदलेगा। वहीं बिक्री के आंकड़ों को होलसेल की बजाय रिटेल पर बदला जाना चाहिये। उनका कहना है कि होलसेल आंकड़े भ्रमित करने वाले होते हैं और जमीनी हकीकत से दूर होते हैं।
मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव का कहना है कि सभी वाहन निर्माता कंपनियों को रिटेल आंकड़ों पर शिफ्ट होना चाहिए, क्योंकि होलसेल आंकड़ों का कोई मतलब नहीं है। कंपनियां कोशिश करती हैं डीलर्स के पास बड़ी संख्या में इन्वेंट्री दिखा कर ज्यादा बिक्री दिकाने की कोशिश करती हैं, जिससे रिटेल के सही बिक्री का पता लगाना मुश्किल होता है।
देश की सबसे बडी कार निर्माता कंपनी मारुति के लिए रिटेल बिक्री के अक्टूबर दूसरा सबसे बेस्ट महीना रहा है, कंपनी को अपनी डीलर्स के पास मौजूद 92000 इन्वेंट्री को कम करने में सफलता हासिल हुई है। हाल ही में ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन यानी फाडा ने सरकारी वाहन प्लेटफॉर्म पर व्हीकल रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों के मुताबिक गणना करने की पैरवी की थी। फाडा का कहना था कि रिटेल बिक्री के आंकड़ों से ही बाजार की असल राय पता चलती है।