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कोरोना वायरस का असर: लॉकडाउन के बाद सेकंड हैंड कार बाजार में आ सकता है बूम
Fri, 24 Apr 2020 08:02 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 24 Apr 2020 08:02 PM IST
सार
देश इस इंतजार में है कि कब कोरोना वायरस के कारण लागू किया गया लॉकडाउन खत्म हो। कई तो ये भी सोच रहे हैं कि आने वाले समय में हमारी मोबिलिटी (आवाजाही) के तरीकों में कैसे बदलाव हो सकते हैं। सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए लोग सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो, बस या ट्रेन का इस्तेमाल करने में झिझक सकते हैं।
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विस्तार
कई यात्रियों को साफ-सफाई की चिंता की वजह से कैब का उपयोग करने में भी आश्वस्त नहीं हो पाएंगे। यह भी एक बड़ा सच है कि आबादी का एक बड़ा हिस्सा निश्चित रूप से एक नई कार नहीं खरीद सकता है। लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है। ऐसे संकट के दौर में और आर्थिक अनिश्चितताओं के इस समय में कई लोग एक नई गाड़ी खरीदकर पैसे बर्बाद करने के बजाय अपने कड़ी मेहनत की कमाई को बचाकर रखना पसंद करेंगे।
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ऐसी परिस्थिति में, कोरोनावायरस के समय में तेजी से बदलती गतिशीलता की जरूरतों का सबसे संभावित समाधान यूज्ड (सेकंड हैंड) कार हो सकते हैं। यह संभवतः एकमात्र व्यवहारिक विकल्प है क्योंकि ऐसा करने पर ज्यादा पैसे खर्च किए बिना सामाजिक दूरी बनाए रखने का दोहरा उद्देश्य पूरा हो सकता है। भारतीय सेकंड हैंड कार बाजार में कई सक्रिय खिलाड़ी हैं, जैसे कि Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) और Hyundai Motor India (ह्यूंदै मोटर इंडिया), जो अपनी सिर्फ अपनी कारों को रिसेल करते हैं। जबकि अन्य कंपनियां जैसे Mahindra First Choice Wheels (महिंद्रा फर्स्ट चॉइस व्हील्स) और Toyota U-trust (टोयोटा यू-ट्रस्ट) सभी ब्रांडों की कारों को रिसेल करते हैं।
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Mahindra First Choice
- फोटो : Mahindra First Choice
कई OEMs (ओरिजिनल इक्युप्मेंट मैन्युफैक्चरर्स) (ओईएम) अब अपनी यूज्ड कारों को लेकर काफी उत्सुक हो गई हैं और कार कारोबार के इस पहूल को लेकर आशान्वित हुई हैं। उन्हें लगता है कि लॉकडाउन के बाद के दिनों में व्यापार का एक अच्छा हिस्सा यहां से मिल सकता है। महिंद्रा फर्स्ट चॉइस व्हील्स के एमडी और सीईओ आशुतोष पांडे के मुताबिक, आने वाले महीनों में सेकंड हैंड कारें उन क्षेत्रों में से एक हैं जो सबसे तेजी से उबर सकती हैं। उनका कहना है कि, "हो सकता है कि ग्राहक पैसे बचाने के लिए डाउन-ट्रेडिंग करें और ऑटो सेक्टर के भीतर, पहले से इस्तेमाल की गई कारों में शायद सबसे अच्छा निवेश होगा। कई दोपहिया ग्राहक भी अपग्रेड कर कारों को चुन सकते हैं।
जीएम ट्रेलब्लेजर
उन्होंने कहा, "अन्य वजहें जैसे कि BS6 और BS4 कारों के बीच कीमत का अंतर, अगले कुछ महीनों में BS6 वाहनों की सीमित उपलब्धता, और बेहतर फाइनेंसिंग के विकल्प, सेंकड हैंड कारों का इस्तेमाल बढ़ाने में मददगार साबित होंगे।" हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ये सेकंड हैंड कारों के डीलरों के लिए चुनौतीपूर्ण समय है, जो छोटे व्यापारी हैं और लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए हैं। उनके मुताबिक पुरानी कारों की सफलता भी नई कारों पर निर्भर है, क्योंकि कई ग्राहक अपने वाहनों के एक्सचेंज के लिए आते हैं।