बुनियादी ढांचे पर हो काम, तभी सफल होंगे ई-वाहन : ऑडी इंडिया चीफ
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लक्जरी कार बनाने वाली जर्मन कंपनी ऑडी भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहन उतारने पर भी विचार कर रही है। कंपनी के पोर्टफोलियो में ऐसी तीन कारें हैं, जो वह आने वाले समय में भारत सहित दुनियाभर के बाजारों में लांच कर सकती है। लेकिन इसे लेकर कंपनी की सबसे बड़ी दुविधा देश में ई-व्हीकल के लिए अभी बुनियादी ढांचा विकसित करने की दिशा में कोई काम शुरू न होना है। इसके अलावा, भारतीय बाजार का नब्ज बेहतर तरीके से पकड़ सके, इसके लिए ऑडी ने पहली बार एक भारतवंशी को इस बाजार का प्रमुख बनाया है। इन सब मुद्दों पर शिशिर चौरसिया ने ऑडी इंडिया के प्रमुख राहिल अंसारी से विस्तृत बातचीत की। पेश है इस बातचीत के मुख्य अंश:
प्रश्न- भारत सरकार इन दिनों ई-वाहनों पर कुछ ज्यादा ही जोर दे रही है। इस दिशा में आपकी क्या तैयारी है?
उत्तर- भारत सरकार ई-वाहन 2030 तक लाना चाहती है और हम भारत सहित दुनिया के अन्य देशों में 2020 में ही इसके तीन मॉडलों को उतारना चाहते हैं। लेकिन इसे बाजार में लाने से पहले देखना होगा कि इसके लिए ढांचागत संरचना तैयार है या नहीं। हम अपने ग्राहकों को ई-वाहन बेचने के बाद यह तो नहीं कह सकते कि चार्जिंग स्टेशन के लिए इंतजार करें।
प्रश्न- आप बीते वर्ष 2017 को किस तरीके देखते हैं?
उत्तर- कुल मिलाकर कहें, तो बीता वर्ष हमारे लिए बेहतर ही रहा। उस दौरान देखें, तो अर्थव्यवस्था नोटबंदी के झटके से उबरी भी नहीं थी कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली लागू कर दी गई। जीएसटी में लक्जरी वाहनों के लिए कुछ ज्यादा ही कर का प्रावधान कर दिया गया है, साथ ही सेस भी बढ़ा है। इन सब वजहों से लक्जरी वस्तुओं के बाजार पर कुछ ज्यादा ही असर पड़ा। लेकिन तब भी हम दो फीसदी की विकास दर पाने में कामयाब रहे। हमने बीते वर्ष कुल 7,876 वाहन बेचे। हम दो फीसदी की विकास दर से इसलिए खुश हैं, क्योंकि वह समय बेहद चुनौती वाला था और हमें अपने पिछले स्तर को पाने के लिए भी बहुत मेहनत करना पड़ा।
प्रश्न- दीर्घकालीन कारोबार के लिए आपकी क्या योजनाएं हैं?
उत्तर- हम भारतीय बाजार में पिछले 11 वर्षों से हैं, इसलिए ऐसा दावा कर सकते हैं कि भारतीय बाजार को कुछ-कुछ समझ रहे हैं। इस दौरान हमने काफी कुछ सीखा और इसी आधार पर चार बुनियादी स्तंभों - प्रोडक्ट, नेटवर्क, ग्राहक और डिजिटाइजेशन पर रणनीति तैयार की है। उत्पादों के साथ-साथ सभी ऑडी टच पॉइंट्स के मामले में डिजिटलीकरण ऑडी की रणनीति के मूल में है। ऑडी डॉट इन इस दिशा में एक ताजगी भरा अप्रोच है, जिसके जरिये वर्तमान एवं संभावित ग्राहकों तक डिजिटल तरीके से पहुंचा जा सकता है और सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे उनसे संपर्क में रहा जा सकता है। डिजिटलीकरण का विस्तार अन्य कस्टमर टच पॉइंट्स, शोरूम, वर्क शॉप, ऑडी मोबाइल टर्मिनल आदि तक भी बढ़ाया जाएगा।
प्रश्न- अभी आप भारतीय लक्जरी कार बाजार में नंबर तीन पर हैं। नंबर वन पर कब तक पहुंचने की उम्मीद है?
उत्तर- हम ऐसा कुछ नहीं कहेंगे कि हम अमुक वर्ष में नंबर वन बन जाएंगे। देखा जाए, तो हम नंबर गेम में फंसना ही नहीं चाहते। हम तो यहां दीर्घकालीन कारोबार करने के लिए आए हैं और इसके लिए टिकाऊ लाभ (सस्टेनेबल प्रॉफिट) होना बेहद जरूरी है। हमारा यही प्रयास रहेगा कि इसके लिए पर्याप्त तैयारी कर योजना बनाएं और उसे धरातल पर उतारें।
प्रश्न- आपने पिछले दिनों ऑडी क्यू5 भारतीय बाजार में उतारा। अब क्या तैयारी है?
उत्तर- इसी साल की दूसरी तिमाही में हम अपनी फ्लैगशिप लक्जरी सिडान ऑडी ए8 एल को भारत में लांच करने की तैयारी कर रहे हैं। आपको बता दूं कि ऑडी ए8 एल ने हाल में वर्ल्ड लक्जरी कार ऑफ द ईयर 2018 का खिताब जीता है। यह सही मायने में यह ट्रू लक्जरी कार है, जिसमें अंदर के कंट्रोल पैनल को टच स्क्रीन का रूप दिया गया है। इसमें चाहे पीछे बैठा यात्री हो या आगे ड्राइविंग सीट पर बैठा व्यक्ति, सभी के आराम का बेहतर तरीके से खयाल रखा गया है। इसमें सीटों पर बैठे व्यक्ति के लिए मसाज की सुविधा है, जो ग्राहकों को पसंद आएगी।
प्रश्न- आपके ऑडी क्यू5 की बाजार में कैसी प्रतिक्रिया मिली है?
उत्तर- इस वर्ष की शुरुआत में ही जो हमने ऑडी क्यू5 उतारा था, उसे ग्राहकों ने काफी पसंद किया है। इसके लांच के बाद पहले महीने ही हमें 500 से ज्यादा बुकिंग मिली। इसी से उत्साहित होेकर हम भारत में अपने परफॉर्मेंस कार पोर्टफोलियो का नवीनीकरण कर रहे हैं। हाल ही में हमने नई ऑडी आरएस5 कूपे को लॉन्च किया है। यह एक खास कार है, जो उन ग्राहकों की जरूरतें पूरी करती है, जो व्यावहारिक हैं और स्पोर्ट्स कार जैसी परफॉर्मेंस देने वाली लक्जरी कार खरीदना चाहते हैं। आने वाले दिनों में परफॉर्मेंस कार के शौकीनों के लिए कंपनी के पास और भी सरप्राइज हैं।
प्रश्न- इस देश में आपने एक दशक पूरा कर लिया है, लेकिन अभी तक आपकी पहुंच सब जगह हो नहीं पाई है। डीलरशिप नेटवर्क में विस्तार की क्या तैयारी है?
उत्तर- आपने सही कहा, हम अब इस दिशा में काम कर रहे हैं। हमने अब टीयर टू और टीयर थ्री शहरों में विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके साथ ही ऑडी की वर्क शॉप फर्स्ट की रणनीति अब समर्पित सुविधाओं में विकसित हो गई है, जिनका उद्घाटन शीघ्र ही तिरूवनंतपुरम और विजयवाड़ा जैसे शहरों में होगा। ऑडी ने हाल में सूरत में अपनी अत्याधुनिक सर्विस फैसिलिटी का उद्घाटन किया है। इसमें अब विस्तार ही होगा।
प्रश्न - आपने जीएसटी व सेस बढ़ने की बात की है। इस साल बजट में भी लक्जरी सेगमेंट पर कुछ ज्यादा ही मार पड़ी। इसका क्या असर रहेगा?
उत्तर- असर तो पड़ ही रहा है। पिछले बजट में आयातित इंजनों और कल-पुर्जों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया गया। इसके बाद शिक्षा उपकर तो खत्म किया गया, लेकिन समाज कल्याण उपकर लगा दिया गया। देखा जाए, तो किसी भी लक्जरी कार निर्माता के लिए यह असहज स्थिति है। हमने भी यहां उत्पादन इकाई लगाने में निवेश किया है और डीलर नेटवर्क तैयार किया है। हम इसे बढ़ाने की तैयारी में हैं। लेकिन यदि सरकार का सहयोग नहीं मिलेगा, तो हम यह सब काम कैसे कर पाएंगे। हम चाहते हैं कि सरकार जैसे छोटे और मझोले कार उद्योग को प्रोत्साहन दे रही है, वह लक्जरी कार उद्योग को भी उसी तरह प्रोत्साहन दे।