कृषि वाहनों को BS6 मानक से फिलहाल मिली छूट, सरकार इस समय से करेगी लागू
- कृषि वाहनों को फिलहाल BS6 मानकों से छूट मिल गई है
- कृषि वाहनों पर नए BS6 ईंधन उत्सर्जन मानक बाद में लागू किए जाएंगे
- कृषि उपकरण बनाने वाली कंपनियों ने राहत मांगी थी
विस्तार
सरकार ने फैसला किया है कि कृषि वाहनों पर नए BS6 ईंधन उत्सर्जन मानकों को आगामी वित्तीय वर्ष में लागू किया जाएगा। इस फैसले से लाखों किसानों और वाहन निर्माता कंपनियों को राहत मिलेगी। निजी और व्यावसायिक वाहनों में नए मानक आगामी अक्टूबर से लागू होने की अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है।
सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रायल ने 21 जून को अधिसूचना जारी करते हुए सुझाव-आपत्ति मांगी है। मंत्रालय ने दिसंबर 2018 को पहली बार व्यावसायिक वाहनों के अलावा कृषि कार्य से जुड़े वाहनों और निर्माण उपकरणों को नए उत्सर्जन मानक श्रेणी में शामिल किया था। सरकार ने यह फैसला तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिए किया है।
सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने सात जून को निजी, व्यावसायिक और कृषि वाहनों पर एक अक्टूबर से BS6 मानक लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी की है। सरकार ने 01 अक्टूबर 2020 से सभी BS6 उत्सर्जन मानक वाले वाहनों पर हरा स्टिकर लगाना अनिवार्य कर दिया है। अधिसूचना के मुताबिक यह हरा स्टिकर एक सेंटीमीटर का होगा।
सरकार ने जारी अधिसूचना में कहा है कि बीएस6 इंजन वाले पेट्रोल-सीएनजी चार पहिया वाहनों की नंबर प्लेट पर हरे रंग की पट्टी होगी, जबकि डीजल से चलने वाली गाड़ियों पर नारंगी रंग की पट्टी लगेगी। सरकार ने मोटर वाहन (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) आदेश, 2018 में संधोधन किया है। विशेषज्ञों का का कहना है कि स्टीकर से प्रदूषण करने वाले वाहनों का आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कृषि मंत्रालय व कृषि उपकरण बनाने वाली कंपनियों ने नए उत्सर्जन मानक BS6 से कुछ दिनों के लिए राहत मांगी थी। उनका कहना है कि महामारी के दौर में लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है।
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान हो सकेगी
इस कलरकोडिंग का फायदा यह होगा कि इससे प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान हो सकेगी। वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि ने वाहन निर्माता कंपनियों को वाहनों में एडवांस एमीशन कंट्रोल सिस्टम फिट करना चाहिए, जो जो डीजल वाहनों में 70 फीसदी और पेट्रोल वाहनों में 25 फीसदी तक नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करेगा। वहीं सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि BS4 वाहनों को सड़कों से हटाने की कोई योजना नहीं है और तय समय से पहले उनका रजिस्ट्रेशन रद्द नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि बीएस6 उत्सर्जन मानक वाले वाहनों से देश में वायु प्रदूषण का स्तर कम करने में मदद मिलेगी।