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सिर्फ ईवी खरीदना काफी नहीं: जानें कैसा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर आपको मिल सकती है फेम-2 सब्सिडी
Tue, 13 Apr 2021 03:49 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 13 Apr 2021 03:49 PM IST
सार
भारत सरकार की FAME-II (फेम-2) योजना का उद्देश्य नए इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी प्रदान करके इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना है। लेकिन इसके लिए कुछ निश्चित मानक बनाए गए हैं। ऐसे में सवाल यह है कि अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने जा रहे हैं, तो क्या आप फेस-2 सब्सिडी हासिल करने के योग्य हैं?
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electric scooters
- फोटो : For Representation Only
विस्तार
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग की रफ्तार भले ही धीमी हो लेकिन यह लगातार बढ़ रही है। दोपहिया और तीन-पहिया सेगमेंट में इन जीरो-उत्सर्जन वाहनों की मांग में धीमी लेकिन स्थिर वृद्धि बनी हुई है। आपने जिस इलेक्ट्रिक वाहन को खरीदा है उस पर आपको सरकार की तरफ से दी जा रही सब्सिडी का फायदा मिलता है या नहीं। अगर आप इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन को खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यहां जानिए कि आप उस इलेक्ट्रिक स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड पर आपको सरकारी छूट का फायदा मिलेगा या नहीं।
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भारत सरकार ने FAME-II (फेम-2) यानी फास्टर अडोप्शन एंड मैन्यूफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक एंड हाइब्रिड व्हीकल्स का एलान किया था। फेम-2 योजना का उद्देश्य नए इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी प्रदान करके इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना है। लेकिन इसके लिए कुछ निश्चित मानक बनाए गए हैं। फेम-2 योजना का लाभ उठाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को कुछ शर्तें पूरी करनी होती है।
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फेम-2 योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी निर्धारित की गई है। जिसमें से, दोपहिया वाहनों को, विशेष रूप से ई-स्कूटर को, सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। CRISIL (क्रिसिल) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 95 फीसदी इलेक्ट्रिक स्कूटर ऐसे हैं जिन्हें फेम-2 सब्सिडी योजना के तहत खरीदते समय छूट नहीं मिल सकती।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने जा रहे हैं, तो क्या आप फेस-2 सब्सिडी हासिल करने के योग्य हैं? इसका उत्तर आपके द्वारा खरीदे जा रहे वाहन के स्पेसिफिकेशंस और निर्माता ब्रांड पर आधारित है।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने जा रहे हैं, तो क्या आप फेस-2 सब्सिडी हासिल करने के योग्य हैं? इसका उत्तर आपके द्वारा खरीदे जा रहे वाहन के स्पेसिफिकेशंस और निर्माता ब्रांड पर आधारित है।
ये हैं मानक
भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय ने फेम-2 सब्सिडी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के विभिन्न सेगमेंट के लिए कुछ पात्रता मानक बनाए हैं। मंत्रालय द्वारा बनाए गए मानकों में वाहन की न्यूनतम टॉप स्पीड, एक बार फुल चार्ज करने पर मिलने वाली ड्राइविंग रेंज, एक्सीलरेशन और ऊर्जा खपत दक्षता जैसी अहम चीजें शामिल हैं। सरकारी घोषणा के अनुसार फेम-2 के तहत सब्सिडी हासिल करने के लिए, किसी इलेक्ट्रिक स्कूटर को एक बार चार्ज करने पर उसे कम से कम 80 किमी की दूरी तय करनी होगी और कम से कम 40 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड होनी चाहिए।
भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय ने फेम-2 सब्सिडी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के विभिन्न सेगमेंट के लिए कुछ पात्रता मानक बनाए हैं। मंत्रालय द्वारा बनाए गए मानकों में वाहन की न्यूनतम टॉप स्पीड, एक बार फुल चार्ज करने पर मिलने वाली ड्राइविंग रेंज, एक्सीलरेशन और ऊर्जा खपत दक्षता जैसी अहम चीजें शामिल हैं। सरकारी घोषणा के अनुसार फेम-2 के तहत सब्सिडी हासिल करने के लिए, किसी इलेक्ट्रिक स्कूटर को एक बार चार्ज करने पर उसे कम से कम 80 किमी की दूरी तय करनी होगी और कम से कम 40 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड होनी चाहिए।
भारत सरकार द्वारा निर्धारित फेम-2 मानकों के अनुसार, सिर्फ हाई-स्पीड वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर, जिनमें 250 वाट से ज्यादा पावर का इलेक्ट्रिक मोटर मिलता है और जिनकी टॉप स्पीड 25 किमी प्रति घंटा से ज्यादा है, FAME-II सब्सिडी के लिए पात्र हैं। ये स्पेसिफिकेशंस इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत के आधार पर बदलता रहता है।
मिसाल के तौर पर, हीरो इलेक्ट्रिक, जो कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों की एक बड़ी रेंज के साथ भारत में प्रमुख इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनियों में से एक है, के पोर्टफोलियो में हाई-स्पीड और कम स्पीड वाले दोनों मॉडल्स हैं। हीरो का Photon LP (फोटोन एलपी) जैसा हाई-स्पीड मॉडल फेम-2 सब्सिडी लेने के लिए योग्य है, वहीं, Flash (फ्लैश), Optima (ऑप्टिमा) और Dash (डैश) सहित कम स्पीड वाले मॉडल सब्सिडी मानकों के तहत नहीं आते हैं।
अन्य इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माताओं की बात करें तो, ज्यादातर ब्रांड कम स्पीड वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं क्योंकि वे सस्ती हैं और उन्हें चलाने के लिए सवारों को ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, पीयूसी या बीमा की जरूरत नहीं होती है। इसलिए, ऐसे कम स्पीड वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग हाई-स्पीड वाले वाहनों की तुलना में बहुत ज्यादा है। हालांकि, इलेक्ट्रिक स्कूटरों की ये बड़ी संख्या फेम-2 सब्सिडी के लाभ के दायरे से बाहर हैं। यानी अगर इन लो-स्पीड इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदते हैं तो आपको सरकारी सब्सिडी का फायदा नहीं मिलेगा। बता दें कि इस योजना में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदार को 40,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है।
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