फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Astrology ›   Vaastu ›   vastu shastra direction for home also know vastu tips and remedies of brahmasthan

Vastu Tips: क्या होता है घर का ब्रह्मस्थान ? जानिए वास्तु में इसका महत्व, क्या करें और क्या न करें ?

Tue, 21 Jun 2022 09:57 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 21 Jun 2022 09:57 AM IST
सार

किसी भूखंड का मध्य भाग ब्रह्मा स्थान कहलाता है। जिस प्रकार पेट से पूरे शरीर का नियंत्रण होता है,उसी प्रकार ब्रह्मस्थान से भी पूरे घर को स्वच्छ वायु,स्वच्छ प्रकाश एवं  ऊर्जा की प्राप्ति होती है। सम्पूर्ण घर में ऊर्जा का प्रवाह ब्रह्मस्थान से ही होता है।

विज्ञापन
vastu shastra direction for home also know vastu tips and remedies of brahmasthan
पुरानी शैली के घरों,हवेलियों और महलों में ब्रह्मस्थान पर खुला आंगन जरूर होता था। खुला हुआ ब्रह्मस्थान घर के अन्य वास्तुदोषों के कुप्रभावों को कम करने में सक्षम होता है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वास्तु प्रकृति से मनुष्य के सांमजस्य को बनाए रखने की वह कला है,जो दस दिशाओं तथा पंच तत्वों पर आधारित होती है। किसी भी दिशा या तत्व के दोषयुक्त हो जाने पर वास्तु नकारात्मक प्रभाव देने लगती है, जिससे कारण वहां निवास करने वालों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

विज्ञापन


क्या है ब्रह्मस्थान
किसी भूखंड का मध्य भाग ब्रह्मा स्थान कहलाता है। पुमाकृति के कारण वास्तु पुरुष का पेट,अंतड़ियां, गुहा प्रदेश व जंघाओं का संधिस्थल ब्रह्म स्थान के भाग हैं। या यूं कहें कि ब्रह्मस्थान,वास्तुशास्त्र में वास्तुपुरुष की नाभि और उसके आस-पास का स्थान है। जिस प्रकार पेट से पूरे शरीर का नियंत्रण होता है,उसी प्रकार ब्रह्मस्थान से भी पूरे घर को स्वच्छ वायु,स्वच्छ प्रकाश एवं  ऊर्जा की प्राप्ति होती है। सम्पूर्ण घर में ऊर्जा का प्रवाह ब्रह्मस्थान से ही होता है। वृहत संहिता में इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि जो गृहस्वामी खुशहाली चाहते हैं,वे ब्रह्मस्थान को अत्यंत सुरक्षित रखें। ब्रह्मस्थान को हम यदि किसी भी कारण पीड़ा देंगे तो व्यक्ति के अस्तित्व पर ही संकट आ जाता है। ब्रह्मा सृष्टा हैं और उन्हें अपमानित करके मनुष्य कुछ भी प्राप्त नहीं कर सकता।    
विज्ञापन


क्या करें
पुरानी शैली के घरों,हवेलियों और महलों में ब्रह्मस्थान पर खुला आंगन जरूर होता था। खुला हुआ ब्रह्मस्थान घर के अन्य वास्तुदोषों के कुप्रभावों को कम करने में सक्षम होता है। आजकल की शैली के मकानों में खुला हुआ आंगन नहीं छोड़ा जाता है । ऐसी स्थिति में घर में खुला क्षेत्र इस प्रकार उत्तर या पूर्व की तरफ रखें जिससे सूर्य का प्रकाश एवं हवा मकान में अधिकाधिक प्रवेश कर सके। सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन की प्राप्ति के लिए अपने घर का निर्माण इस प्रकार करें कि ब्रह्मस्थल दोषमुक्त हो। यह स्थान आध्यात्म और दर्शन से सम्बन्ध रखता है। इस स्थान पर नियमित रूप से भजन,कीर्तन,रामायण पाठ अथवा गीता का पाठ करने से दोषपूर्ण ब्रह्मस्थान से उत्पन्न हुई परेशानियों का निदान हो जाता है। अगर संभव हो सके तो इस स्थान में तुलसी का पौधा अवश्य लगाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या न करें
इस स्थान पर गड्ढा,पानी व गंदगी न हो। अतः ईशान कोण की ही भांति इस स्थान को भी सदैव साफ़-सुथरा व हल्का रखना चाहिए। घर के मध्य का यह स्थान थोड़ा सा ऊंचा (गजपुष्ट) होना चाहिए,यदि हम ब्रह्मस्थान पर जल डालें तो वह चारों तरफ फ़ैल जाए। इस जगह में गड्ढा या मकान का मध्य बैठा हुआ नहीं होना चाहिए नहीं तो गृहस्वामी को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ सकता है। यहां भारी फर्नीचर नहीं रखें,यथासंभव इस स्थान को खाली रखें । ब्रह्मस्थान में सीढ़ी,वीम,खंभा,भूमिगत पानी की टंकी,बोरिंग,सेप्टिक टैंक,शौचालय इनका निर्माण नहीं किया जाना चाहिए। इस जगह झाड़ू,पौंछा आदि वस्तुएं बिल्कुल न रखें। ब्रह्मस्थान पर कभी भी अग्नि से सम्बंधित कार्य नहीं करें,क्योंकि ऐसा करने से परिवार के सदस्यों में मन-मुटाव हो जाता है। ब्रह्मस्थान में जूठन इत्यादि भी नहीं डालनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed