नवरात्रि पर आजमाएं सिंदूर के कुछ चमत्कारी उपाय, दूर होगा दुर्भाग्य
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इस समय शारदीय नवरात्रि चल रहे हैं। इस पर्व के मौके पर मंदिरों और घरों पर माता दुर्गा की विशेष पूजा-आराधना होती है। नवरात्रि में माता के भक्त मां को प्रसन्न करने और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के लिए कई तरीको से माता की पूजा करते हैं। माता की पूजा में सिंदूर का महत्व काफी होता है। इन दिनों माता को नियमित सिंदूर चढ़ाने से जीवन से क्लेश मिटता है और सुख शांति में वृद्धि होती है। देवी पर चढ़ाया गया सिंदूर सौभाग्य वृद्धि करने वाला होता है। सुहागन स्त्रियों को इसे प्रसाद स्वरूप घर में रखना चाहिए और नियमित लगाना चाहिए।
सिंदूर सिर्फ सुहाग की निशानी नहीं है बल्कि इसमें चमत्कारी शक्तियां भी मौजूद हैं यही कारण है कि तांत्रिक क्रियाओं में भी सिंदूर का इस्तेमाल किया जाता है। सिंदूर का इस्तेमाल सदियों से टोटकों में भी किया जाता रहा है। यहां सिंदूर के कुछ ऐसे ही टोटकों का जिक्र किया जा रहा है जिनसे कई तरह के लाभ आप प्राप्त कर सकते हैं।
- नवरात्रि के दिनों में आने वाले मंगलवार के दिन घी में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को लगाने से भय और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
- नवरात्रि में हत्थाजोड़ी पर सिंदूर चढ़ाकर देवी की पूजा करने से सुख समृद्धि में वृद्धि होती है।
- सिंदूर से घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं इससे नकारात्मक शक्ति का घर में प्रवेश नहीं होता है और सुख समृद्धि में वृद्धि होती है।
नवरात्रि में सिंदूर तृतीया का महत्व
सिंदूर तृतीया का ये उत्सव नवरात्रि के दौरान किया जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों तक पृथ्वी पर देवी दुर्गा निवास करती हैं। ऐसे में उनको सिंदूर लगाने का परंपरा होती है। देवी की उपासना में लाल सिंदूर का प्रयोग बहुत ही जरूरी होता है। सिंदूर हिन्दू अनुष्ठानों की महत्वपूर्ण चीजों में से एक माना जाता है और देवी दुर्गा की पूजा करते समय बहुत महत्वपूर्ण होता है।सिंदूर तृतीया का उत्सव दक्षिण भारत के राज्यों समेत देश की कई हिस्सों में नवरात्रि के दौरान मनाया जाता है। सिंदूर तृतीया की रस्म नवरात्रि उत्सव के पहले तीन दिनों के समापन का प्रतीक है।