{"_id":"68a5c0a31c5a0b43200fa4e0","slug":"surya-gochar-in-singh-rashi-sun-transit-in-leo-zodiac-impact-on-scorpio-zodiac-sign-2025-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sun Transit 2025: सूर्य का राशि परिवर्तन, जानिए वृश्चिक राशि वालों पर कैसा होगा प्रभाव","category":{"title":"Predictions","title_hn":"बोले तारे","slug":"predictions"}}
Sun Transit 2025: सूर्य का राशि परिवर्तन, जानिए वृश्चिक राशि वालों पर कैसा होगा प्रभाव
Thu, 21 Aug 2025 12:31 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 21 Aug 2025 12:31 PM IST
सार
Sun Transit 2025: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्यदेव दशम भाव के स्वामी होकर यह आपके दशम भाव में गोचर कर रहे हैं। दशम भाव में सूर्य का गोचर आपके लिए अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है।
विज्ञापन
Surya Gochar in Singh Rashi
- फोटो : adobe stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Sun Transit 2025: ग्रहों के राजा सूर्य 17 अगस्त 2025 को चंद्रमा की राशि कर्क की अपनी यात्रा को विराम देते हुए अपने स्वामित्व वाली राशि सिंह में प्रवेश कर चुके हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य के गोचर का विशेष महत्व होता है। सूर्य हर एक माह अपनी राशि बदलते हैं जिसे सूर्य संक्रांति के नाम से जाना जाता है। सूर्य के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल क्योंकि यह ही ऊर्जा के प्रमुख स्त्रोत हैं। सभी नवग्रहों में सूर्य ही एकमात्र ग्रह है जो कभी भी न तो अस्त होते हैं और न ही उदय। इसके अलावा सूर्य वक्री और मार्गी भी नहीं होते हैं। सूर्य 17 सितंबर 2025 तक सिंह राशि में रहेंगे फिर इसके बाद कन्या राशि में चले जाएंगे। सूर्य के सिंह राशि में गोचर होने के सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर किसी न किसी रूप में प्रभाव अवश्य ही पड़ेगा। आइए जानते हैं सूर्य के सिंह राशि में गोचर करने से वृश्चिक राशि वालों पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा।
वृश्चिक राशि पर सूर्य के गोचर का प्रभाव
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्यदेव दशम भाव के स्वामी होकर यह आपके दशम भाव में गोचर कर रहे हैं। दशम भाव में सूर्य का गोचर आपके लिए अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। ऐसे में आपके नौकरी और करियर से जुड़े मामलों में आपको अच्छे परिणाम देने के लिए बाध्य हो सकता है। आपकी पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होने में सूर्य के सिंह राशि में गोचर का बहुत ही महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिलेगा। आपको सफलता और मान-सम्मान में वृद्धि होगी। कामकाज में आपको अच्छे परिणाम की प्राप्ति हो सकती है। लेकिन लेन-देन के मामलों में आपको थोड़ा संभलकर रहना होगा।
सूर्य से जुड़े कुछ रोचक ज्योतिषीय तथ्य
- सूर्यदेव को पूर्व दिशा का स्वामी माना गया है।
- सूर्यदेव तांबे और सोने के स्वामी होते हैं।
- वैदिक ज्योतिष में सूर्य को जन्म कुंडली में पिता, मान-सम्मान, लीडरशिप, राजकाज और उच्च प्रशासिनक पद के कारक होते हैं।
- किसी पुरुष की कुंडली में सूर्य से पिता और महिला की कुंडली में पति के बारे में जानकारी प्राप्ति होती है।
- सूर्य की महादशा 6 वर्षों तक रहती है।
- सूर्य उपासना के लिए रविवार का दिन सबसे अच्छा माना गया है।
- सूर्य सिंह राशि के स्वामी होते हैं।
- सूर्य मेष राशि में उच्च के जबकि तुला राशि में नीच के होते हैं।
- जातक की कुंडली में सूर्य लग्न में हो तो व्यक्ति का चेहरा बड़ा और गोल आकार का होता है। सूर्य पुरुषों में दायीं आंख और महिलाओं की बायीं आंख को बताता है।
विज्ञापन
- कालपुरुष की कुंडली में सूर्य ह्रदय को दर्शाता है।
- सूर्य का रत्न माणिक्य होता है।
- मेष राशि में सूर्य 10 अंश के होने पर ये परम उच्च के हो जाते हैं, जबकि तुला राशि में 10 अंश के होने पर नीच के हो जाते हैं।
- मकर से मिथुन राशि के भ्रमण दौरान सूर्य उत्तरायन होते हैं।
- कर्क से धनु राशि के भ्रमण के दौरान दक्षिणायन सूर्य होते हैं।
कुंडली में सूर्य जब पीड़ित हों
अगर किसी जातक की कुंडली में सूर्य पीड़ित है तो व्यक्ति को ह्रदय और आंखों संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सूर्य अगर शनि देव के प्रभाव के कारण पीड़ित होते हैं तो व्यक्ति को कम बल्ड प्रेशर से संबंधित समस्याएं आती हैं। अगर गुरु से पीड़ित होता है तो उच्च ब्लड प्रेशर से संबंधित बीमारी देखने को मिलती है।
कुंडली में सूर्य मजबूत होते हैं तो जातक को जीवन में हमेशा शुभ परिणाम की प्राप्ति होती है। व्यक्ति अच्छे कार्य करते उच्च पद पर आसीन होती है। ऐसे जातकों पर स्वयं पर बहुत अच्छा नियंत्रण होता है। कुंडली में सूर्य जब उच्च के, अच्छे भाव में, शुभ ग्रहों की द्दष्टि में और अपने मित्र ग्रह की राशि में होते हैं तो जातक को बहुत ही अच्छा फल देते हैं। जिन जातकों की कुंडली में सूर्य अच्छा होता है व्यक्ति सकारात्मक सोच वाला और समाज में सम्मानित होता है। सूर्य राजा, उच्च पद और स्थायित्व का कारक होता है।
विज्ञापन
वृश्चिक राशि पर सूर्य के गोचर का प्रभाव
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्यदेव दशम भाव के स्वामी होकर यह आपके दशम भाव में गोचर कर रहे हैं। दशम भाव में सूर्य का गोचर आपके लिए अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। ऐसे में आपके नौकरी और करियर से जुड़े मामलों में आपको अच्छे परिणाम देने के लिए बाध्य हो सकता है। आपकी पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होने में सूर्य के सिंह राशि में गोचर का बहुत ही महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिलेगा। आपको सफलता और मान-सम्मान में वृद्धि होगी। कामकाज में आपको अच्छे परिणाम की प्राप्ति हो सकती है। लेकिन लेन-देन के मामलों में आपको थोड़ा संभलकर रहना होगा।
विज्ञापन
सूर्य से जुड़े कुछ रोचक ज्योतिषीय तथ्य
- सूर्यदेव को पूर्व दिशा का स्वामी माना गया है।
- सूर्यदेव तांबे और सोने के स्वामी होते हैं।
- वैदिक ज्योतिष में सूर्य को जन्म कुंडली में पिता, मान-सम्मान, लीडरशिप, राजकाज और उच्च प्रशासिनक पद के कारक होते हैं।
- किसी पुरुष की कुंडली में सूर्य से पिता और महिला की कुंडली में पति के बारे में जानकारी प्राप्ति होती है।
- सूर्य की महादशा 6 वर्षों तक रहती है।
- सूर्य उपासना के लिए रविवार का दिन सबसे अच्छा माना गया है।
- सूर्य सिंह राशि के स्वामी होते हैं।
- सूर्य मेष राशि में उच्च के जबकि तुला राशि में नीच के होते हैं।
- जातक की कुंडली में सूर्य लग्न में हो तो व्यक्ति का चेहरा बड़ा और गोल आकार का होता है। सूर्य पुरुषों में दायीं आंख और महिलाओं की बायीं आंख को बताता है।
विज्ञापन
- कालपुरुष की कुंडली में सूर्य ह्रदय को दर्शाता है।
- सूर्य का रत्न माणिक्य होता है।
- मेष राशि में सूर्य 10 अंश के होने पर ये परम उच्च के हो जाते हैं, जबकि तुला राशि में 10 अंश के होने पर नीच के हो जाते हैं।
- मकर से मिथुन राशि के भ्रमण दौरान सूर्य उत्तरायन होते हैं।
- कर्क से धनु राशि के भ्रमण के दौरान दक्षिणायन सूर्य होते हैं।
कुंडली में सूर्य जब पीड़ित हों
अगर किसी जातक की कुंडली में सूर्य पीड़ित है तो व्यक्ति को ह्रदय और आंखों संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सूर्य अगर शनि देव के प्रभाव के कारण पीड़ित होते हैं तो व्यक्ति को कम बल्ड प्रेशर से संबंधित समस्याएं आती हैं। अगर गुरु से पीड़ित होता है तो उच्च ब्लड प्रेशर से संबंधित बीमारी देखने को मिलती है।
Lucky Rashiyan: इन राशि वालों पर प्रसन्न रहते हैं महादेव, करियर-कारोबार में पहुंचाते हैं लाभ
कुंडली में सूर्य जब बली होंकुंडली में सूर्य मजबूत होते हैं तो जातक को जीवन में हमेशा शुभ परिणाम की प्राप्ति होती है। व्यक्ति अच्छे कार्य करते उच्च पद पर आसीन होती है। ऐसे जातकों पर स्वयं पर बहुत अच्छा नियंत्रण होता है। कुंडली में सूर्य जब उच्च के, अच्छे भाव में, शुभ ग्रहों की द्दष्टि में और अपने मित्र ग्रह की राशि में होते हैं तो जातक को बहुत ही अच्छा फल देते हैं। जिन जातकों की कुंडली में सूर्य अच्छा होता है व्यक्ति सकारात्मक सोच वाला और समाज में सम्मानित होता है। सूर्य राजा, उच्च पद और स्थायित्व का कारक होता है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन