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Astrology: कुंडली में कैसे बनता है धनवान होने का योग ? क्या आपकी कुंडली में है ये योग ?
Sat, 10 Dec 2022 03:02 PM IST
विनोद शुक्ला
आनंद पाराशर
आनंद पाराशर
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 10 Dec 2022 03:02 PM IST
सार
चौथे भाव से जमीन जायदाद और सम्पत्ति का विचार किया जाता है। क्या जातक को अपनी मां के द्वारा सम्पत्ति प्राप्त होगी इसका विचार भी इसी भाव से किया जाता है
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कुंडली में अगर उच्च का सूर्य गुरु या बुध के साथ लाभ भाव में हो तो जातक बड़ा कारोबारी बनता है और खूब धन कमाता है।
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विस्तार
वैदिक ज्योतिष में ग्रह और भाव के स्वामी से बनने वाले योगों को विस्तार से समझाया गया है। आज के इस समय में धन की प्रधानता से इंकार नहीं किया जा सकता है। धन का महत्व हर व्यक्ति समझता है इसलिए सब धन पाने की इच्छा रखते है लेकिन जीवन में कई जातकों को धन से जुडी समस्या का सामना भी करना पड़ता है तो आज इस लेख में हम यह समझने की कोशिश करेंगे की किसी जातक की कुंडली में धनवान होने का योग कैसे बनता है।
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1 - कुंडली के दूसरे भाव को धन भाव और एकादश भाव को लाभ भाव कहा गया है। दूसरे भाव से पैतृक संपत्ति का विचार होता है वही एकादश भाव व्यक्ति के खुद को धन को दर्शाता है।
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2 - कुंडली के छठे भाव से नौकरी और सप्तम से व्यापार का विचार होता है। व्यक्ति के धनवान होने में इन दो भावों को बेहद महत्व है।
3 - चौथे भाव से जमीन जायदाद और सम्पत्ति का विचार किया जाता है। क्या जातक को अपनी मां के द्वारा सम्पत्ति प्राप्त होगी इसका विचार भी इसी भाव से किया जाता है।
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4 - अगर किसी जातक की कुंडली में दूसरे भाव का स्वामी लाभ भाव में विराजमान हो या लाभ भाव एक स्वामी धन भाव में विराजमान हो तो जातक धनवान होगा।
5 - अगर दूसरे और एकादश भाव के स्वामी त्रिकोण में विराजमान होकर एक दूसरे को देखे तो भी जातक को धन की कमी नहीं होगी।
6 - अगर छठे भाव का स्वामी एकादश भाव के स्वामी के साथ छठे या एकादश भाव में हो तो जातक पहले नौकरी करता है और फिर धीरे 2 बड़ा व्यापारी बनता है।
7 - अगर शनि मंगल राहु जैसे ग्रह धन भाव में बलवान होकर बैठे तो जातक को परिवार के द्वारा सम्पत्ति मिलती है।
8 - अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में दूसरे और चौथे भाव के स्वामी नवम दशम में बैठे हो तो उसे मां के सहयोग से खूब धन प्राप्त होता रहता है।
9 - दूसरे और लाभ भाव के स्वामी अगर आठवें भाव के स्वामी के साथ उसी भाव में बलवान होकर बैठे तो जातक को देवताओं की कृपा से गुप्त धन प्राप्त होने की सम्भावना मिलती है।
10 - किसी जातक की कुंडली में अगर उच्च का सूर्य गुरु या बुध के साथ लाभ भाव में हो तो जातक बड़ा कारोबारी बनता है और खूब धन कमाता है।