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Budh Margi 2025: बुधदेव हुए कर्क राशि में मार्गी, जानिए कन्या राशि पर किस तरह का पड़ेगा प्रभाव
Tue, 12 Aug 2025 03:17 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 12 Aug 2025 03:17 PM IST
सार
Budh Margi 2025: कन्या राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके पहले और दशम भाव के स्वामी होते हैं और अब यह आपके लाभ भाव में मार्गी हुए हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लाभ भाव में बुध का गोचर बहुत ही अच्छे और शुभ परिणाम मिलते हैं।
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बुुध ग्रह हुए मार्गी
- फोटो : adobe stock
विस्तार
Budh Margi 2025:
बुद्धि और व्यापार के कारक ग्रह बुध 11 अगस्त 2025 को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर बुध ग्रह मार्गी हो चुके हैं। बुध ग्रह बुद्धि, संवाद, तर्क-वितर्क, गणना, व्यापार और त्वचा के कारक ग्रह होते हैं। अब कर्क राशि में रहते हुए मार्गी हुए हैं। आपको बता दें कि बुध 18 जुलाई को कर्क राशि में रहते हुए वक्री हुए और अब 11 अगस्त को मार्गी होंगे। बुध का मार्गी होने कुछ राशि वालों के लिए बहुत ही शुभ साबित होने वाले हैं। ऐसे लोगों के ऊपर बुधदेव की विशेष मेहरबान होंगे जो शिक्षा, लेखन, संचार, व्यापार और मीडिया से जुड़े होंगे। बुध के मार्गी होने पर इसका व्यापक प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं बुध के मार्गी होने से कन्या राशि वालों पर किसी तरह का असर देखने को मिल सकता है।
कन्या राशि पर बुध के मार्गी होने का प्रभाव
कन्या राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके पहले और दशम भाव के स्वामी होते हैं और अब यह आपके लाभ भाव में मार्गी हुए हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लाभ भाव में बुध का गोचर बहुत ही अच्छे और शुभ परिणाम मिलते हैं। आपके लिए यह अनुकूल साबित होगा। कर्म स्थान के स्वामी होकर बुध के लाभ भाव में मार्गी होना बहुत ही अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आ री अड़चनें दूर होंगी। आमदनी में बढ़ोतरी होगी और बेहतर परिणाम की प्राप्ति होगी। मान-सम्मान में इजाफा होगा।
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ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं। बुध को मिथुन और कन्या राशियों का स्वामी का ग्रह माना जाता है।
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बुद्धि और व्यापार के कारक ग्रह बुध 11 अगस्त 2025 को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर बुध ग्रह मार्गी हो चुके हैं। बुध ग्रह बुद्धि, संवाद, तर्क-वितर्क, गणना, व्यापार और त्वचा के कारक ग्रह होते हैं। अब कर्क राशि में रहते हुए मार्गी हुए हैं। आपको बता दें कि बुध 18 जुलाई को कर्क राशि में रहते हुए वक्री हुए और अब 11 अगस्त को मार्गी होंगे। बुध का मार्गी होने कुछ राशि वालों के लिए बहुत ही शुभ साबित होने वाले हैं। ऐसे लोगों के ऊपर बुधदेव की विशेष मेहरबान होंगे जो शिक्षा, लेखन, संचार, व्यापार और मीडिया से जुड़े होंगे। बुध के मार्गी होने पर इसका व्यापक प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं बुध के मार्गी होने से कन्या राशि वालों पर किसी तरह का असर देखने को मिल सकता है।
कन्या राशि पर बुध के मार्गी होने का प्रभाव
कन्या राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके पहले और दशम भाव के स्वामी होते हैं और अब यह आपके लाभ भाव में मार्गी हुए हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लाभ भाव में बुध का गोचर बहुत ही अच्छे और शुभ परिणाम मिलते हैं। आपके लिए यह अनुकूल साबित होगा। कर्म स्थान के स्वामी होकर बुध के लाभ भाव में मार्गी होना बहुत ही अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आ री अड़चनें दूर होंगी। आमदनी में बढ़ोतरी होगी और बेहतर परिणाम की प्राप्ति होगी। मान-सम्मान में इजाफा होगा।
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ज्योतिष में बुध ग्रह
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं। बुध को मिथुन और कन्या राशियों का स्वामी का ग्रह माना जाता है।
Budh Grah Margi: 11 अगस्त को बुध होंगे मार्गी, जानें सभी 12 राशियों पर क्या पड़ेगा इसका प्रभाव
कुंडली में बुध को मजबूत करने के उपाय- बुधवार को भगवान गणेश को 11 मोदक का भोग लगाएं।
- बुधवार के व्रत रखें।
- बुधवार के दिन हरि चूड़ियों का दान करें।
- रोजाना आप बुध स्तोत्र का पाठ करें।
- बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का 108 बार जाप करें।
- यदि संभव हो, तो आप पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं।
- बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
- रोजाना तुलसी को जल चढ़ाएं।
- बुधवार के दिन गाय को घास खिलाएं।
- हरी मूंग की दाल का दान करें।