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Budh Gochar 2025: बुध का वृषभ राशि में गोचर, जानिए मीन राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ?
Sun, 25 May 2025 10:22 AM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 25 May 2025 10:22 AM IST
सार
Budh Gochar 2025: मीन राशि के लिए बुधदेव चौथे और सातवें भाव के स्वामी होते हैं और अब बुध के वृषभ राशि में गोचर करके के दौरान यह आपके तीसरे भाव में विराजमान हैं।
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budh gochar
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Budh Gochar 2025: 23 मई से बुध वृषभ राशि में गोचर कर चुके हैं। बुध का यह गोचर सभी 12 राशियों के जीवन को प्रभावित करेगा। ऐसे में आइए जानते हैं बुध के वृषभ राशि में गोच करने से मीन राशि के जातकों पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा। इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मीन राशि पर प्रभाव
मीन राशि के लिए बुधदेव चौथे और सातवें भाव के स्वामी होते हैं और अब बुध के वृषभ राशि में गोचर करके के दौरान यह आपके तीसरे भाव में विराजमान हैं। कुंडली का तीसरा भाव साहस, पराक्रम, संचार और छोटे-भाई बहनों का होता है। तीसरे भाव में बुध का गोचर आपके लिए बहुत ही शुभ और फायदे वाला होगा। यहां से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। जो लोग अगर किसी तरह की बीमारियों से ग्रसित थे अब बुध के तीसरे भाव में गोचर करने से सेहत में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा। दोस्तों और परिवार वालो के साथ जीवन का भरपूर आनंद लेने में बीतेगा।
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बुध का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।
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मीन राशि पर प्रभाव
मीन राशि के लिए बुधदेव चौथे और सातवें भाव के स्वामी होते हैं और अब बुध के वृषभ राशि में गोचर करके के दौरान यह आपके तीसरे भाव में विराजमान हैं। कुंडली का तीसरा भाव साहस, पराक्रम, संचार और छोटे-भाई बहनों का होता है। तीसरे भाव में बुध का गोचर आपके लिए बहुत ही शुभ और फायदे वाला होगा। यहां से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। जो लोग अगर किसी तरह की बीमारियों से ग्रसित थे अब बुध के तीसरे भाव में गोचर करने से सेहत में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा। दोस्तों और परिवार वालो के साथ जीवन का भरपूर आनंद लेने में बीतेगा।
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बुध का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।