अंग्रेजी कैलेंडर के
अनुसार 1 अप्रैल से साल का चौथा महीना शुरू हो गया है। लेकिन हिन्दू कैलेंडर यानी
पंचांग के अनुसार 11 अप्रैल से साल 2013 शुरू होगा।
पण्डित जयगोविंद
शास्त्री बताते हैं कि, पंचांग के अनुसार साल 2013-14 में तीन ग्रहण लगने वाले हैं।
इनमें दो सूर्य ग्रहण होंगे और एक चन्द्रग्रहण।
पहला सूर्य ग्रहण 9 मई की
रात में लगेगा। इसलिए यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा। दूसरा
सूर्यग्रहण 3 नवंबर को लगेगा, यह भी भारत में नहीं देखा जा सकेगा। इन दोनों
सूर्यग्रहण में सूतक के दान, स्नान का विचार करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इनका
असर भारत पर नहीं होगा।
इस वर्ष का एक मात्र चन्द्रग्रहण 25 अप्रैल की मध्य
रात्रि के बाद 1 बजकर 22 मिनट पर लगेगा और 1 बजकर 53 पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा। ग्रहण
का सूतक 25 तारीख को भारतीय मानक समय के अनुसार 4 बजकर 22 मिनट से शुरू
होगा।
ग्रहण के समय चन्द्रमा तुला राशि और स्वाति नक्षत्र में होगा। तुला
राशि एवं स्वाति नक्षत्र में जिनका जन्म हुआ है उन्हें चन्द्रग्रहण के अशुभ प्रभाव
से बचने के लिए चन्द्रमा एवं शुक्र के मंत्र का जप करना चाहिए।