राकेश/इंटरनेट डेस्क।
सूर्य आज शाम तुला राशि से
निकलकर गुरू की राशि धनु में प्रवेश कर रहा है। इसके साथ ही विवाह, जनेऊ, मुण्डन
एवं गृह निर्माण आरंभ जैसे सभी काम पर एक महीने के लिए ब्रेक लग गया है। सूर्य देव
धनु राशि में 13 जनवरी की आधी रात तक रहेंगे। 14 तारीख को मकर संक्राति का त्योहार
मनाया जाएगा और इसके बाद से पुनः शुभ कार्य आरंभ हो जाएंगे।
सूर्य को उग्र
ग्रह माना गया है। गुरू की राशि में सूर्य के आने से गुरू के स्वभाव में उग्रता आ
जाती है। शास्त्रों में बताया गया है कि सूर्य जिस मास में गुरू की राशि में होता
है वह खरमास कहलता है। इस मास में कोई शुभ कार्य करने की बजाय भगवान विष्णु और
सूर्य की पूजा कि जाए तो अधिक उत्तम फल प्राप्त होता है।
ज्योतिषशास्त्र के
अनुसार जिनकी कुण्डली में सूर्य की स्थिति अनुकूल नहीं होती है उन्हें सरकारी
क्षेत्र से जुड़े मामलों में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्य क्षेत्र में
अधिकारी के साथ मतभेद के कारण प्रगति में बाधा आती है। इस तरह की समस्याओं से बचने
के लिए खरमास के दौरान प्रतिदिन प्रातः उगते सूर्य को जल में गुड़ मिलाकर अर्पित
करना चाहिए।
जो लोग बार-बार दुर्घटना के शिकार होते हैं, शत्रुओं का
जिन्हें भय सता रहा है उन्हें दोपहर में यानी 12 बजे के आस-पास सूर्य की पूजा करनी
चाहिए। धन-संपत्ति में वृद्धि की इच्छा रखने वालों को संध्या काल में सूर्य की पूजा
से लाभ मिलता है।
धनु संक्राति का राशियों और बाजार पर असर
सूर्य का
धनु राशि में आना मेष, सिंह, तुला, धनु, मकर एवं कुंभ राशि वालों के लिए शुभ रहेगा।
वृष, मिथुन, कर्क एवं मीन राशि वालों के लिए मिलाजुला फल देने वाला होगा।
इस संक्रांति का बाजार पर असर देखें तो ज्ञात होता है कि सभी प्रकार के
अनाज, तेल, सोना, चांदी, कपास, रूई, सूत, तिल एवं धातुओं की कीमत में इजाफा होगा।
क्योंकि धनु राशि में इन दिनों मंगल बैठा है इसके साथ सूर्य भी यहां पहुंचेगा। इन
दोनों ग्रहों पर शनि की दृष्टि होगी। यह शुभ स्थिति नहीं है। राजनेताओं और जनता के
बीच आपसी टकराव बढ़ेगा। कहीं हिंसक घटना भी हो सकती है।