अंक ज्योतिष के हिसाब से इस वर्ष का मूलांक 'आठ' बनता है, जिसके स्वामी शनि हैं। संवत्सर का सूर्योदय भी उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में होगा, उसके स्वामी भी शनिदेव ही हैं। शनि कठोर न्यायाधीश और कुशल शिक्षक माने गए हैं इसलिए ये वर्ष पर्यंत न्यायिक अधिकार अपने पास रखेंगे। और नियमों का कठोरता सेपालन कराएंगे।
इस वर्ष में राहु कन्या में और केतु मीन राशि में ही रहेंगें इसलिए इनका प्रभाव वैसा ही रहेगा जैसा पिछले छह महीने से चल रहा है। बृहस्पति अपनी उच्चराशि कर्क की यात्रा समाप्त करके 13 जुलाई को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
पढ़ें,मासिक राशिफलः जनवरी 2015 आपके लिए कैसा रहेगासिंह राशि पर गोचर की अवधि में गुरु सभी राशियों के लिए शुभ फलदाई माने गए हैं। इस राशि पर गुरु के आने से नासिक में मोक्ष दायक 'महाकुंभ' योग भी बनता है। यह योग जहां धर्मगुरुओं, साधुसंतो, शिक्षकों, कथावाचकों, ज्ञानमार्गियों, महिलाओं, विद्यार्थियों के लिए शुभफल दायक रहेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के जरिए बेहतरीन काम और सुधार होगा। सिंह राशि में ही गुरु सूर्य और चंद्र के संयोग से बनने वाला महाकुंभ पर्व नासिक में श्रावण शुक्ल पक्ष तृतीया सोमवार 17 अगस्त को होगा। इस दिन सुबह चार बजकर 42 मिनट से पहला शाही स्नान होगा। श्रावण पूर्णिमा 29 अगस्त को तीसरा शाही स्नान होगा।
पढ़ें,आपका यह जीवन पूर्वजन्म से इस तरह प्रभावित होता हैतीसरा शाही स्नान भाद्रपद अमावस 13 सितंबर को होगा। चौथा और अंतिम शाही स्नान भाद्रपद शुक्लपक्ष तृतीया बुधवार 16 सितंबर को मनाया जाएगा। 17 सितंबर दोपहर अभिजित मुहूर्त में सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश के साथ ही सूर्य-गुरु के जरिए बना 'कुंभयोग' समाप्त हो जाएगा।
इस वर्ष भारत के आकाश में तीन ग्रहण होंगें। इनमें एक सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण हैं। 13 सितंबर को सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में इसका कोई भी दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। पहला चंद्रग्रहण 4 अप्रैल को होगा।