14 जुलाई को गुरु सिंह राशि में प्रवेश कर चुके हैं। गुरु एक राशि में करीब 13 महीने तक रहते हैं। गुरु सिंह राशि में 14 जुलाई 2015 से 11 अगस्त 2016 तक भ्रमण करेंगे।
मेदिनी ज्योतिष के ग्रन्थ 'वर्ष प्रबोध' के अनुसार जब गुरु सिंह राशि में आता है तो उसको 'श्रावण' वर्ष कहते हैं। उसमे वासुकि नाम का मेघ बरसता है, गाएं दूध बहुत देती हैं और घी का उत्पादन अधिक होता तथा उत्तम वर्षा के कारण पृथ्वी जल से पूर्ण हो जाती है।
आधुनिक सन्दर्भ में इसे समझें तो सिंह राशि का गुरु दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रभाव क्षेत्रों में आने वाले देशों भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश , श्रीलंका, बर्मा ओर चीन में इस बार जोरदार वर्षा करवाएगा, जिससे भूजल में आ रही कमी दूर होगी।
जून के महीने में नासा के वैज्ञानिको ने उत्तर-पश्चिम भारत और पाकिस्तान में गिरते भूजल और इस वर्ष संभावित कमजोर मानसून के सम्मलित प्रभाव के कारण भयानक सूखे की चेतावनी दी थी।
लेकिन ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इन क्षेत्रों में इस वर्ष भारी वर्षा का योग बन रहा है। इसलिए भूजल की स्थिति में सुधार होगा जो की किसानों और पशु-पालकों के लिए लाभदायक है।