नक्षत्रों के क्रम
में छठा नक्षत्र होता है आर्द्रा। इस नक्षत्र का स्वामी राहु है और मिथुन राशि के
अन्तर्गत आने के कारण इस पर बुध का प्रभाव भी रहता है। जिन लोगों का जन्म इस
नक्षत्र में होता है वह बड़े ही चतुर-चालाक होते हैं।
कूटनीति एवं राजनीतिक
विषयों में इनकी बुद्घि खूब चलती है। राजनीति के क्षेत्र में इस नक्षत्र वाले
व्यक्ति काफी सफल होते हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों का मस्तिष्क
हमेशा क्रियाशील रहता है। अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी ताकत लगा देते
हैं।
सफलता पाने के लिए साम, दाम, दण्ड, भेद की नीति भी खुल कर अपनाते हैं।
इनकी कामयाबी में बोलने की कला का प्रमुख हाथ होता है। 32 से 42 साल की उम्र में यह
खूब तरक्की करते हैं। इस उम्र में धन लाभ के मौके मिलते हैं।
जिन लोगों का
जन्म इस नक्षत्र में होता है वह हंसी-मजाक काफी पसंद करते हैं। विभिन्न तरह का
ज्ञान पाने की इनमें चाहत रहती है और समस्याओं का सामना धैर्य पूर्वक करते
हैं।
व्यवसाय एवं लेखन के क्षेत्र में भी इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले
व्यक्ति सफल होते हैं। सर्दी, खांसी एवं छाती संबंधी रोग इन्हें अधिक परेशान करता
है।