Aghan Maas mein karein ye upay: जिस तरह अंग्रेजी कैलेंडर में साल के 12 महीने होते हैं ठीक उसी प्रकार हिन्दी कैलेंडर में भी साल के 12 महीने होते हैं। हिन्दी पंचांग में हर महीने को अलग अलग नाम से जाना जाता है और इन नामों का अपना एक अलग महत्व है। हिन्दी कैलेंडर के अनुसार साल के नवें महीने का नाम अगहन है। इसे मार्गशीर्ष मास के नाम से भी जाना जाता है। अगहन मास भगवान श्री कृष्ण का प्रिय महीना माना जाता है। इस महीने में शंख पूजन का भी महत्व है। श्री कृष्ण की प्रिय वस्तुओं में शंख भी आता है। कहते हैं कि अगहन के महीने में यदि कोई व्यक्ति साधारण शंख की भी पूरे विधि विधान और श्रद्धा से पूजा अर्चना करता है तो उसे भगवान श्रीकृष्ण के पांचजन्य शंख की पूजा के समान फल प्राप होता है। ज्योतिषविदों के अनुसार यदि अगहन मास में शंख से जुड़े कुछ विशेष उपाय किये जाएं तो आर्थिक लाभ के साथ घर में सुक समृद्धि भी आती है। आइए जानते हैं शंख से जुड़े उपायों के बारे में।
Aghan Maas Upay: शुरू हुआ अगहन मास, करें ये 5 उपाय, घर आएगी सुख-समृद्धि
दक्षिणावर्ती शंख से करें अभिषेक
अगहन मास के गुरुवार का विशेष महत्व है। इस महीने के हर गुरुवार को दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित दूध लेकर श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी का अभिषेक करें। इस उपाय से धन लाभ का योग बनता है।
रोज करें शंख की पूजा
अगहन माह आरंभ हो चुका है। ऐसे में रोजाना स्नान आदि से निवृत होकर सर्वप्रथ शंख की पूजा करें। मंदिर में रख शंख पर कुमकुम और अक्षत अर्पित करने के बाद नीचे दिए गए मंत्र का जाप करें।
त्वं पुरा सागरोत्पन्न विष्णुना विधृत: करे।
निर्मित: सर्वदेवैश्च पाञ्चजन्य नमोऽस्तु ते।
तव नादेन जीमूता वित्रसन्ति सुरासुरा:।
शशांकायुतदीप्ताभ पाञ्चजन्य नमोऽस्तु ते॥
शुक्र दोष दूर करेगा ये उपाय
यदि आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर स्थिति में है तो अगहन के महीने में सफेद वस्त्र में सफेद रंग के शंख, चावल और बताशे को लपेट कर नदी में बहाएं। इस उपाय के करने से आप शुक्र दोष से मुक्त होंगे।
विष्णु मंदिर में शंख दान करें
श्री विष्णु के किसी मंदिर में अगहन मास में शंख दान करें। शंख दान करते समय इस बात का ध्यान रखें कि शंख में किसी भी प्रकार का दोष नहीं होना चाहिए। मंदिर में जब भी उस शंख की पूजा होगी और उसको बजाया जाएगा आपकी परेशनियां कम होती जाएंगी।