फोक म्यूजिक के लिए मशहूर पांडवाज बैंड ने नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल में अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुति में लोक संगीत की मिठास जब आधुनिक ताल से जुड़ी तो पंडाल तालियों से गूंज उठा। दर्शकों ने सुरों की संध्या में नाच-गाने का आनंद लिया। जिला प्रशासन और जिला पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित विंटर कार्निवाल की स्टार नाइट पांडवास बैंड ने नाम रही। बैंड के सदस्य ईशान, अनिरुद्ध, श्रेठ, राकेश, अंशुल, दीपक, ख्याति, श्रुति काला, शिवानी, गौरव और सुशांत ने धमाकेदार प्रस्तुति दी। पारंपरिक परिधान में पहुंचे कलाकारों की प्रस्तुति में लोक संगीत और बीट्स का अद्भुत संगम देखने को मिला। पांडवास बैंड ने अपने प्रसिद्ध समल़ौण, घुघूती बासुती.., फुलारी, बडुली.., जन्दौली रुंदै, घुघयाल, राधा, गाजणा, नंदा तेरो डोला, गणपति देवा, रंगीलो फागुन, एगेनी फुल्लारी, सुफल, हल्ला धूम धड़ाक्का हे जनमभूमि, सायरा गांव, मवारी, केदारनाथ, लेंगु पदिगे मेंगु बिंदी आदि गीतों की प्रस्तुति दी। बैंड ने अपने लोकप्रिय गीत तिलगा, वीण तैं पाते ना, घुघुती बसुती, फुलारी, गणपति, उत्तराखंड, बडुली, राम गंगा, राधा और हुराणी... की प्रस्तुति दी जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इससे पूर्व सर्वश्रेष्ठ डांसर एंड सिंगर आफ नैनीताल प्रतियोगिता हुई। इसके अलावा उत्तराखंड के लोक गायक किशन महिपाल ने जिया कोरी कोरी.., आदि गीतों की प्रस्तुति दी। स्वाति भट्ट, पुष्कर महर ने कई कुमाऊंनी और गढ़वाली गीतों की प्रस्तुति दी। हिमनाद और टीम श्रेय खन्ना की प्रस्तुति ने समा बांध दिया। स्थानीय कलाकारों ने भी कई सांस्कृतिक गीत व नृत्य पेश किए। संचालन हेमंत बिष्ट और नवीन पांडे ने किया।