जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने कहा कि अपराजिताएं (बालिकाएं) स्वयं के साथ हो रहे अपराध पर शर्माना और घबराना नहीं, बल्कि, अपराध को बताना सीखें, ताकि, उनके साथ आपराधिक कार्य करने वालों के खिलाफ कानून कार्रवाई कर सके। उन्होंने कहा कि बचपन में बैड टच गुड टच सिखाया जा रहा है, बावजूद इसके रिश्ते के तमाम व्यक्ति व्यवस्था और समाज को कलंकित करने से नहीं चूक रहे हैं। किशोरियों को इसके प्रति सजग रहते हुए प्रतिकार करने के लिए अब आगे बढ़ना होगा। सोमवार को पीएमश्री राजकीय कन्या इंटर कॉलेज ज्वालापुर में ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से हुए अपराजिता कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन सिमरनजीत कौर ने कहा कि समाज में अपराध करने वालों के साथ ही अपराध सहने वाले भी बराबर के जिम्मेदार होते हैं, इसलिए, अपराधों को बिल्कुल भी नहीं सहना है। अपराध करने वालों को सजा दिलाने का कार्य करना है। कहा कि बालिकाएं किसी भी अंजान व्यक्ति को अपनी जानकारी न दें, क्योंकि, जानकारी लेने वाले उन्हें ब्लैकमेल कर सकते हैं, इसलिए, अगर कोई फोन कर सवाल करे तो वह उनके सवालों का जवाब नहीं दें, बल्कि, उनसे वो ही प्रश्न करें, क्योंकि, वो आपके जानकार नहीं, अंजान लोग हैं, जो उन्हें आर्थिक और सामाजिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्वालापुर की डॉक्टर गीतांजलि वर्मा ने छात्राओं को किशोरावस्था में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। कहा कि किशोरावस्था में अनेक परिवर्तन शरीर में आते हैं। जिनसे डरने की जरूरत नहीं हैं। उन्हें उनके समाधान के लिए डॉक्टरों के पास जाना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में किशोरियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। कॉलेज की प्रधानाचार्य पूनम राणा ने कहा कि जिस प्रकार का कार्यक्रम अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से किया गया है, उससे, छात्राओं में आत्म विश्वास बढ़ता है, इसलिए, अमर उजाला ऐसे कार्यक्रम कराकर बधाई का पात्र है।