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चमोली डायट में शैक्षिक कार्यक्रमों की समीक्षा, गुणवत्ता सुधार पर जोर

अमन मैथानी Updated Sun, 23 Aug 2026 08:08 PM IST

गौचर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चमोली में त्रैमासिक समीक्षा बैठक हुई। इसमें जनपद के खंड शिक्षा अधिकारियों, ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी), क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) और डायट संकाय सदस्यों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य शैक्षिक कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वय स्थापित करना था। प्राचार्य आकाश सारस्वत ने बच्चों की शैक्षिक दक्षताओं और सीखने के प्रतिफलों को शिक्षा की गुणवत्ता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक बालक निर्धारित दक्षताओं को प्राप्त करे, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। सारस्वत ने परख, पहल और स्लैस सर्वेक्षण जैसे शैक्षिक आकलनों के परिणामों का गंभीरता से विश्लेषण करने पर जोर दिया। उन्होंने सुधारात्मक प्रयासों और विद्यालय स्तर पर नियमित अनुश्रवण का आह्वान किया। प्राचार्य ने मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में सभी पात्र विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने को भी कहा। आगामी योजनाएं और सामूहिक संकल्प नियोजन एवं प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कठैत ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए अनुमोदित कार्यक्रमों की जानकारी दी। वरिष्ठ संकाय सदस्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी ने परख सर्वेक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने पर बल दिया। प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ और राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव दिए। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सामूहिक प्रयासों पर सहमति बनी। सभी प्रतिभागियों ने निर्धारित कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन का संकल्प लिया।

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