नंदासैण । सिद्धपीठ शैलेश्वर महादेव धाम शैलेश्वर में आयोजित शिवमहापुराण कथा के पांचवें दिवस पर कथा व्यासपीठ से कथावाचक आचार्य अरबिंद प्रसाद सेमवाल ने भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों एवं माता पार्वती-विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के दौरान एक भावुक कर देने वाला दृश्य भी देखने को मिला। जसपुर निवासी विनोद प्रसाद अपनी 95 वर्षीय वृद्ध मां को पीठ पर बैठाकर कथा स्थल तक लेकर पहुंचे। यह दृश्य देखकर कथावाचक आचार्य सेमवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आज के कलयुग में श्रवण कुमार जैसे पुत्र के दर्शन होना अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें वृद्ध मां के रूप में भगवान के दर्शन हुए और पुत्र के रूप में श्रवण कुमार के दर्शन प्राप्त हुए। आचार्य सेमवाल ने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति को विनोद प्रसाद से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने माता-पिता की सेवा को जीवन का सर्वोच्च कर्तव्य मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है।