वाराणसी। मदरवां (सामनेघाट) स्थित श्रीवैष्णव मठ में रविवार को अनंत श्रीविभूषित संत श्रीजगद्गुरु स्वामी रामानुजाचार्य भागवाताचार्य त्रिदंडी स्वामी के बैकुंठवास की स्मृति में विशेष आयोजन किया गया। धार्मिक वातावरण के बीच आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर संत को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मठ परिसर में हरीनाम संकीर्तन हुआ, जिसमें भक्तों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। मठ के पीठासीन अधिकारी श्रीजगद्गुरु स्वामी संपतकुमाराचार्य ने कहा कि महाराजश्री ने सनातन परंपरा, धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका जीवन त्याग, तपस्या और सेवा का उदाहरण रहा। उन्होंने कहा कि संतों का जीवन समाज को धर्म और संस्कृति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। महाराजश्री ने अपने जीवनकाल में सनातन परंपराओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य किया। उन्होंने बताया कि महाराजश्री की स्मृति में हर वर्ष हरीनाम कीर्तन का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य उनके आध्यात्मिक योगदान को याद करना और आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ना है। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया और संत के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मठ से जुड़े संत, साधु-संत, श्रद्धालु और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। हरीनाम संकीर्तन से पूरा मठ परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने संत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। आयोजन के अंत में भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में संपन्न हुए कार्यक्रम में सनातन परंपरा और संत-महात्माओं के प्रति आस्था का भाव देखने को मिला।