वडनगर गुजरात से बाइक से काशी आए करीब 500 बाइक यात्रियों का संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में स्वागत किया गया। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अगुवाई में यात्रियों को तिलक लगाया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन जुड़े। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन किया। उन्होंने कहा कि सात अक्तूबर 2001 को जब मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की सपथ ली थी, तब यह नहीं सोचा था कि यह पड़ाव आएगा। जनता के सेवा को आज 25 वर्ष पूरे हो गए। यह जनता जनार्दन का विश्वास है। मैं जनता के चरणों में शीश झुकाकर नमन करता हूं। जनता ने हमेशा मुझे अपनी सेवा के लिए चुना। पीएम ने कहा कि विनायक मंदिर में मैं दर्शन के लिए गया। परमात्मा के सामने देश के लिए प्रार्थना की। 140 करोड़ भारत वासियों के लिए प्रार्थना की और अपने लिए भी प्रार्थना की है। प्रार्थना ये कि इतनी शक्ति और समर्थ दीजिए कि मैं अपने देश के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकूं। देशवासियों की और अधिक सेवा कर सकूं। उनकी दिन रात सेवा कर सकूं। आज मैं जो कुछ हूं, जहां भी हूं, जिस टाइम पर हूं उसमें सबसे बड़ा योगदान जनता जनार्दन का ही है। मेरे लिए जनता जनार्दन भी ईश्वर का ही रूप है। लाखों करोड़ों देशवासियों का विश्वास और लाखों कार्यकर्ताओं का परिश्रम ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।