सुल्तानपुर के अमहट स्थित आनंद भवन वृद्धाश्रम में बुजुर्गों का दर्द सामने आया। शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुक्ता त्यागी ने वृद्धाश्रम का दौरा किया। इस दौरान कई बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि उनके बेटों ने जमीन-जायदाद अपने नाम करवा ली। इसके बाद उन्हें परेशान कर घर से निकाल दिया। अपनों से मिले इस धोखे के बाद इन बुजुर्गों ने वृद्धाश्रम को ही अपना सहारा बना लिया है। सचिव मुक्ता त्यागी ने बुजुर्गों की समस्याएं सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे अपने अधिकारों के लिए अकेले नहीं हैं। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वालेंटियर सर्वेश कुमार सिंह के साथ वृद्धाश्रम में रह रहे 119 बुजुर्ग महिला और पुरुषों से मुलाकात की। मुक्ता त्यागी ने बुजुर्गों के साथ बैठकर उनका हालचाल जाना। उन्होंने खाने-पीने, साफ-सफाई, स्वास्थ्य और कानूनी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उन्हें जरूरी कानूनी मदद दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान सामने आई समस्याओं को तुरंत हल करने के निर्देश भी दिए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुक्ता त्यागी ने कहा, "बुजुर्ग हमारे समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके साथ किसी भी तरह की अनदेखी, परेशानी या गलत व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अगर किसी बुजुर्ग को संपत्ति, भरण-पोषण या किसी अन्य कानूनी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता देगा।" जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वालेंटियर सर्वेश कुमार सिंह ने कहा, "जिन माता-पिता ने अपने बच्चों की खुशी और भविष्य के लिए पूरी जिंदगी मेहनत की, उन्हीं को बुढ़ापे में घर से निकालना और परेशान करना बहुत दुखद है। बुजुर्गों को उनके अधिकारों की जानकारी देना और जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद देना हमारी जिम्मेदारी है। आनंद भवन में रह रहे बुजुर्गों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और उनके समाधान की कोशिश की जाएगी।"