मैनपुरी में स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम की डोर कमजोर पड़ती जा रही है। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में इलास्टिक बेल्ट की जगह पर कैथेटर (पेशाब नली ) का प्रयोग किया जा रहा है। मरीजों संख्या बढ़ने पर यहां तीमारदार से हाथ पकड़वाकर भी मरीजों को खून जांच के लिए नमूने के रूप में निकाला जा रहा है। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं। यहां की पैथोलॉजी लैब में प्रतिदिन 150 से 200 मरीजों की जांच कराई जाती है। यहां मौजूद लैब टेक्नीशियन के पास पर्याप्त उपकरण भी नहीं है। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि जांच के लिए मरीज का खून निकालने के लिए पेशाब नली का प्रयोग किया जा रहा है। यहां मौजूद स्टाफ को विभाग की ओर से कैथेटर नली दे दी गई हैं। जब कोई मरीज यहां उपचार के लिए आता है तो उसकी बांह में इलास्टिक बेल्ट की जगह पर पेशाब नली बांधी जाती है। यही नहीं जब जांच कक्ष में मरीजों की संख्या अधिक बढ़ती है तो तीमारदार से ही कह दिया जाता है कि इनकी बांह पकड़ लो। जिस मरीज के साथ तीमारदार नहीं होता है परेशान मरीज को अपने एक हाथ से खून देना होता है और दूसरे हाथ से अपना हाथ पकड़ना पड़ता है। जिला अस्पताल की यह व्यवस्था कहीं-न-कहीं सिस्टम पर सवाल उठा रही है।