लखीमपुर खीरी के धौरहरा तहसील क्षेत्र के सिसैया खुर्द गांव में कीचड़ और जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों का रविवार को गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने कीचड़ से भरी सड़क पर खड़े होकर ग्राम प्रधान और विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान ग्रामीणों ने ‘काम नहीं तो वोट नहीं’ लिखा बड़ा बैनर भी लगा दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। चुनाव के समय विकास कार्य कराने के वादे किए गए थे, लेकिन बाद में गांव की ओर ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के साथ विधायक को भी गांव की बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहराया। प्रसारित वीडियो में एक युवक के नेतृत्व में ग्रामीण विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गांव में सड़क समेत अन्य विकास कार्य नहीं कराए जाएंगे, तब तक वे मतदान नहीं करेंगे।
गांव की आबादी दो हजार
धौरहरा विधानसभा क्षेत्र का सिसैया खुर्द गांव सिसैया कलां का मजरा है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव की आबादी करीब दो हजार है और बरसात के दिनों में जलभराव व कीचड़ के कारण आवागमन में काफी दिक्कत होती है। प्रधान प्रतिनिधि भग्गू खां ने बताया गांव इंटर लाकिंग खड़जा भी लगा है, 60 आवास शौचालय तो मेरे कार्यकाल में दिए गए हैं इससे पहले पूर्व प्रधान ने भी करीब सौ बनवाए थे। गांव के सिर्फ तीन लोग है जो लोगों को भड़का रहे हैं।
धौरहरा के विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने कहा कि यह वही लोग है जो मेरे और भाजपा के विरोध में काम कर रहे है, विपक्षियों के कहने पर सुजईकुंडा पुल को लेकर दुष्प्रचार कर रहे थे। ईसानगर जा रहा हूं, वहां मेरी मीटिंग है वापस में गांव जाकर जानकारी लूंगा।