जाजमऊ पुराना गंगा पुल (लखनऊ से कानपुर लेन) पर मरम्मत कार्य की वजह से रविवार को दोपहर से भारी वाहनों का आवागमन तीन महीने के लिए बंद कर दिया गया। हालांकि एनएचएआई की ओर से दोपहर 12 बजे से यातायात बंद कर डायवर्जन किया जाना था, लेकिन दोपहर 2:30 बजे से डायवर्जन लागू हो सका। पहला दिन सिर्फ यातायात संभालने में बीत गया। मरम्मत का कोई काम नहीं हो सका। एनएचएआई के साइड इंजीनियर विनय कुमार यादव ने बताया कि सोमवार सुबह से पुल का मरम्मत कार्य शुरू करा दिया जाएगा। गदनखेड़ा उन्नाव बाईपास से कानपुर की ओर आने वाले भारी वाहनों का डायवर्जन होना था। इसके बावजूद वाहन रोके नहीं गए और बदरका चौराहा आजाद मार्ग होकर मरहला चौराहे की ओर भारी वाहनों को मोड़ दिया गया। इससे शुक्लागंज छोर पर वाहनों का लोड बढ़ गया। एनएचएआई की ओर से बदरका चौराहा, त्रिभुवनखेड़ा और जाजमऊ पुलिस चौकी के पास भारी वाहनों को रोकने के लिए पत्थर के बोल्डर रखवाए गए। बदरका चौराहे पर डायवर्जन से संबंधित एक नोटिस बोर्ड भी लगाया गया। बदरका चौराहे पर एक टीएसआई, दो हवलदार और दो सिपाहियों की तैनाती की गई है, ताकि जाम न लगे। टीएसआई नसीरउद्दीन ने बताया कि यहां वाहनों का लोड अधिक है, जबकि फोर्स कम है। वहीं, गदनखेड़ा उन्नाव बाईपास से कानपुर की ओर जाने वाले वाहनों को डायवर्ट होना था, लेकिन कई भारी वाहन रोडवेज बस, डीसीएम व ट्रक आदि बदरका आजाद मार्ग चौराहे आ गए, जिन्हें मजबूरी में मरहला चौराहा शुक्लागंज की ओर डायवर्ट किया गया। उधर, महरला चौराहा और सरैया रेलवे क्रॉसिंग मार्ग पर वाहनों का लोड एकदम से बढ़ जाने के कारण दोपहर से शाम तक वाहन रेंगते हुए निकले। दोपहर बाद तीन से शाम सात बजे के बीच कई बार जाम की स्थिति बनी रही।