कानपुर के रेल बाजार स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की एक मिसाल देखने को मिल रही है। यहां मोहम्मद इकबाल का परिवार पिछले चार पीढ़ियों से रामलीला का मंच तैयार कर रहा है और रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के भव्य पुतलों का निर्माण कर रहा है। 'अमर उजाला' के साथ खास बातचीत में मोहम्मद इकबाल ने अपनी पीढ़ियों की इस परंपरा, कला और सामाजिक भाईचारे के अनुभव साझा किए।