डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार दोपहर करीब दो बजे प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। उपस्थिति पंजिका की जांच में पांच वरिष्ठ सहायक राकेश कुमार सिंह, संजीव कुमार श्रीवास्तव, रजनी वर्मा, सतीश पांडेय और क्षेम अग्निहोत्री अनुपस्थित मिले। डीएम ने सभी का एक दिन का वेतन काटने और एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। दोबारा गायब मिलने पर संबंधित कर्मचारी के साथ जिम्मेदार अधिकारी पर भी कार्रवाई की बात कही। निरीक्षण के दौरान कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण के लिए निजी वेंडर बैठे मिले। वहीं, कार्यालय के अंदर अभ्यर्थियों के लिए निशुल्क पंजीकरण की समुचित व्यवस्था नहीं थी। इस पर डीएम ने तत्काल निशुल्क पंजीकरण काउंटर/हेल्प डेस्क शुरू करने और इसकी जानकारी मुख्य द्वार समेत प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। निजी वेंडरों को कार्यालय परिसर के बाहर बैठने की अनुमति किस अधिकारी और किस व्यवस्था के तहत दी गई, इसकी रिपोर्ट तीन दिन में मांगी। कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी की तैनाती के बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों का कार्य-वितरण उपलब्ध नहीं मिला। लेखा अनुभाग में चार कर्मचारियों की तैनाती पाए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रत्येक अनुभाग के वास्तविक कार्यभार और उसके अनुरूप कर्मचारियों की तैनाती का काम स्पष्ट करने को कहा। डीएम ने सहायक निदेशक सेवायोजना को एक सप्ताह में सभी बिंदुओं की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, डीएम ने वर्ष 2026 में आयोजित रोजगार मेलों की वास्तविकता की जांच के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने रोजगार आयोग के गठन के बाद वर्ष 2026 में जनपद स्तरीय समिति की आयोजित बैठकों का तिथिवार विवरण भी तलब किया है।