बांदा के अतर्रा रोड पर आदिशक्ति सेवा फाउंडेशन की ओर से सजाया गया पंडाल कुछ खास है। मां दुर्गा की भव्य मूर्ति स्थापित कर उसका पूजन हो रहा है तो वहीं यह पंडाल प्रकृति को बचाने का संदेश भी दे रहा है। केन नदी की धारा में हो रहे अवैध खनन से लेकर, बांदा के सर्वाधिक गर्म रहने और पेड़ों के कटान तक ध्यान आकर्षण के लिए यहां उनके प्रतिरूप बनाए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए ऑक्सीजन की कमी से बीमार महिला और उसे लगी ऑक्सीजन की झांकी भी सजाई गई है। पेड़ों के कटान और उनका दर्द भी बखूबी उभारा गया है। पंडाल के संयोजक अमित कुशवाहा ने बताया कि देश में बांदा इस बार सबसे गर्म रहा था। केन नदी में पानी घट रहा है और अवैध खनन पर रोक नहीं लग सकती है। पेड़ों का अंधाधुंध कटान हो रहा है, इसे देखते हुए ही उन्होंने इस बार इस पंडाल की थीम सोची और उसे विकसित किया। उन्होंने प्रकृति के प्रति भी मां दुर्गा की तरह ही आस्था रखने की अपील की। साथ ही शासन और प्रशासन से भी नियमों का पालन कराने की मांग की।