नामांतरण प्रक्रिया को ऑनलाइन किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रहलाद यादव और महामंत्री रविशंकर मिश्र के नेतृत्व में वकीलों ने तहसील परिसर से जुलूस निकाला और श्याम प्रसाद चौराहे पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के चलते तहसील न्यायालय में 297 वादों की सुनवाई नहीं हो सकी। सुनवाई के लिए तहसील पहुंचे वादकारियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। वहीं उपनिबंधक कार्यालय में लगातार सातवें दिन भी किसी बैनामे का पंजीकरण नहीं हुआ। आंदोलन के चलते तहसील परिसर में दिनभर कामकाज प्रभावित रहा। अध्यक्ष प्रहलाद यादव ने कहा कि ऑनलाइन दाखिल-खारिज की व्यवस्था जनता के हित में नहीं है। सरकार द्वारा इसे जबरन लागू किए जाने का अधिवक्ता संघ विरोध करता रहेगा। उन्होंने कहा कि जनता के शोषण के खिलाफ अधिवक्ता संघ अपनी लड़ाई जारी रखेगा। महामंत्री रविशंकर मिश्र ने कहा कि ऑनलाइन दाखिल-खारिज के विरोध में अधिवक्ताओं का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन भी किया जाएगा। प्रदर्शन में अजीत मौर्य, मार्कण्डेय मिश्र, देवेंद्र कुमार, डीएन सिंह, गिरीश पांडेय, इजहारुल हसन, रश्मि सिंह, शहबाज फजल खान, गजनफर अली, मनोज शर्मा, निजाम अंसारी, सुमित श्रीवास्तव, आशीष कसौधन, अखिल श्रीवास्तव, राधेश्याम यादव, दीपक गुप्त, अतुल यादव, आलोक गुप्त, लालजी मिश्र, आरके पांडेय और महेंद्र पांडेय समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।