आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और 23 दिन तक दिल्ली में भूख हड़ताल करने वाली नेहा बोरा अयोध्या पहुंचीं। प्रेस क्लब में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अयोध्या के नाम पर नफरत का कारोबार चलाने का आरोप लगाया। कहा कि नब्बे के दशक में नफरत और हिंसा से अयोध्या सबसे ज्यादा चोटिल शहरों में रहा और नई पीढ़ी को भय के अभियान का हिस्सा बनाया गया। आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर नफरत फैलाई गई और आम लोगों के घर-दुकानें उजाड़ी गईं। मंदिरों के चढ़ावे के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया। बुलडोजर कार्रवाई को गरीब-दलित परिवारों की बेबसी का प्रतीक बताया। हाथरस और उन्नाव की घटनाओं का उल्लेख कर महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को हिंसा नहीं, शिक्षक, प्रोफेसर, डॉक्टर और इंजीनियर बनने का रोजगार चाहिए। प्राथमिक शिक्षकों की आखिरी भर्ती 2018 में होने का दावा करते हुए रोजगार की मांग उठाई।