अयोध्या के नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में बुधवार को नौ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन भुगतान का मुद्दा गरमा गया। नियुक्ति को लेकर चेयरमैन जब्बार अली और अधिशासी अधिकारी प्रेमनाथ के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अभद्र भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया। ईओ ने चेयरमैन पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर दी है, जबकि चेयरमैन ने भी ईओ के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। ईओ प्रेमनाथ के अनुसार नौ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति करीब एक वर्ष पहले हुई थी। कर्मचारियों को अब तक वेतन नहीं मिला है। बोर्ड बैठक में वेतन भुगतान किए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसी दौरान चेयरमैन ने नियुक्ति को लेकर सवाल उठाते हुए हंगामा किया और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। ईओ का आरोप है कि चेयरमैन ने जान से मारने की धमकी देते हुए अगले दिन से नगर पालिका न आने की बात कही। वहीं चेयरमैन जब्बार अली ने कहा कि नौ कर्मचारियों की नियुक्ति बोर्ड की अनुमति के बिना की गई है। जब नियुक्ति के समय बोर्ड से अनुमति नहीं ली गई तो वेतन भुगतान के लिए प्रस्ताव बोर्ड बैठक में क्यों लाया गया। इसी बात को लेकर ईओ से नोकझोंक हुई। चेयरमैन ने ईओ पर भी अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि इसी के जवाब में उन्होंने भी आपत्तिजनक शब्द कहे। चेयरमैन ने ईओ के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। बैठक में मौजूद सभासद कुलदीप सोनकर,आशीष वैश्य, ज्ञान मिश्रा, महेश कश्यप, प्रमोद द्विवेदी, राजकिशोर,रामराज लोधी,लालचंद्र लोधी, उमाशंकर कसौधन, ने बताया कि विवाद के दौरान चेयरमैन ने ईओ के साथ गालीगलौज की और जूते से मारने की बात कही। सभासदों ने इसे अनुचित बताते हुए घटना की निंदा की। सभासदों का कहना है कि नौ कर्मचारियों की नियुक्ति एक वर्ष पहले हुई थी और उन्हें अभी तक वेतन नहीं मिला है। वेतन भुगतान का मुद्दा बैठक में रखे जाने के बाद ही विवाद शुरू हुआ। सीओ अरविंद सोनकर ने बताया कि नगर पालिका के ईओ प्रेमनाथ और चेयरमैन जब्बार अली की तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।