अयोध्या में दर्शन नगर स्थित सूर्य कुंड परिसर में सूर्यदेव के मंदिर पर रविवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने स्नान, पूजन, दर्शन के बाद मेले का भी लुफ्त उठाया। कहीं गगनचुंबी झूले तो कहीं सर्कस, नृत्य, संगीत और कला के साथ जादू का जौहर, बच्चों-वृद्धों के मनोरंजन के भरपूर साधन रहे। 14 कोसी परिक्रमा क्षेत्र में पड़ने वाला पवित्र सूर्यकुंड आस्था का केंद्र है। भाद्र मास के शुक्ल पक्ष षष्ठी के बाद का प्रथम रविवार भक्तों की आस्था का चरम परिभाषित होता है। प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी सूर्योदय के साथ पौराणिक सरोवर में डुबकी लगाने वालों का तांता लगा। यहां सूर्यदेव की अति प्राचीन व दुर्लभ मूर्ति भव्य मंदिर में स्थापित है। मेले में एक दिन पहले शनिवार से अंबेडकरनगर, आजमगढ़, अतरौलिया, बसखारी, टांडा, सुल्तानपुर, गोंडा, बस्ती तथा बाराबंकी आदि से ट्रक, ट्रैक्टर-ट्राली तथा जीप आदि से श्रद्धालु सूर्यकुंड परिसर में इकट्ठा होना शुरू हो जाते हैं।