पढ़ने-लिखने की उम्र निकल जाने के बाद भी सीखने का जज्बा हो तो कोई बाधा आड़े नहीं आती। अयोध्या में तारुन में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी निरक्षर महिलाएं अब पढ़ना-लिखना सीख रही हैं। प्राथमिक विद्यालय बालापुर में इनके लिए विशेष साक्षरता कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। प्राथमिक विद्यालय बालापुर में शुक्रवार और शनिवार को विशेष साक्षरता कक्षाएं आयोजित कर महिलाओं को हिंदी वर्णमाला, शब्द ज्ञान और गिनती का अभ्यास कराया गया। प्रधानाध्यापिका तैयबा खातून और समूह सखी सिंधुजा ने महिलाओं को पढ़ना-लिखना सिखाया। कक्षाओं के दौरान महिलाओं ने उत्साह के साथ अक्षर ज्ञान और गिनती का अभ्यास किया। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी निरक्षर महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें साक्षर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। नियमित कक्षाओं के माध्यम से उन्हें रोजमर्रा के जीवन में काम आने वाले पढ़ने-लिखने और गणना से संबंधित जरूरी ज्ञान दिया जा रहा है। नीतू, जसमता समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि साक्षर होने के बाद वे अपने बच्चों की पढ़ाई में बेहतर सहयोग कर सकेंगी। साथ ही घर-गृहस्थी से जुड़े कामकाज में भी पढ़ने-लिखने और गिनती का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में सुशीला, रीना, माला, रीता, जयकला, सुषमा, कोमल और शिक्षामित्र अजीत यादव मौजूद रहे।