अंबेडकरनगर: अकबरपुर के गौहन्ना के बबुरहिया गांव में सिविल जज सीनियर डिवीजन यादवेंद्र सिंह के आदेश के अनुपालन में मंगलवार को कब्जा हटाने पहुंची पुलिस और न्यायिक टीम को नौवीं बार वापस लौटना पड़ा। प्रशासनिक अफसरों की गैरमौजूदगी और महिलाओं के जेसीबी मशीन के आगे जोरदार प्रदर्शन के कारण कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। न्यायालय की ओर से गठित टीम ने प्रशासनिक अफसरों की गैरमौजूदगी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए पूरी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपने की बात कही है। मंगलवार को कोर्ट अमीन वीरेश प्रताप सिंह, कमलेश कुमार मौके पर पहुंचे। उनके साथ अकबरपुर, भीटी, सम्मनपुर, मालीपुर, बेवाना की पुलिस फोर्स व पीएसी के जवान पहुंचे। घरों को ध्वस्त कराने के लिए चार जेसीबी भी बुलाई गई। चेतावनी देने और काफी गहमागहमी के बाद भी लोगों ने कब्जा नहीं खाली किया तो जेसीबी मशीन शुरू की गईं। इस पर महिलाओं और बच्चों ने जेसीबी मशीन के सामने बैठकर विरोध शुरू कर दिया। कोर्ट अमीन से लेकर कोतवाल भूपेंद्र सिंह और महिला थानाध्यक्ष प्रियांशु भट्ट के काफी देर समझाने के बाद भी महिलाएं नहीं हटीं। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद भी पुलिस महिलाओं को टस से मस नहीं कर सकी। लगातार चलते विरोध को देखते हुए कोर्ट अमीन ने कार्रवाई रोकने का निर्णय लिया। कोर्ट अमीन ने कहा कि पुलिस बल की मौजूदगी के बाद भी किसी मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी के न पहुंचने के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसकी पूरी रिपोर्ट सिविल जज सीनियर डिवीजन और जनपद न्यायालय को दी जाएगी।