शारदीय नवरात्र की महानवमी पर कन्या पूजन किया गया। अलोपशंकरी मंदिर में महंत यमुनापुरी महाराज ने विधि-विधान से कन्याओं का पांव पखारकर उनका पूजन किया और चुनरी ओढ़ाकर उनकी आरती उतारी। उन्होंने बताया कि महानवमी पर मंदिर में कन्याओं का देवी के रूप में पूजन किया गया गया है। साथ ही उन्हें प्रसाद ग्रहण कराया।