जैन धर्म का प्रमुख त्योहार क्षमावाणी पर्व शनिवार को जीरो रोड स्थित जैन मंदिर में मनाया गया। विधि विधान से पूजन अर्चन कर मन से क्रोध, अहंकार, द्वेष और वैरभाव छोड़ने का संकल्प लिया गया। प्रार्थना की गई कि मेरे द्वारा मन, वचन या कर्म से जाने-अनजाने में कोई गलती हुई हो तो मुझे क्षमा करें। जैन समाज की ओर से शनिवार को क्षमावाणी पर्व मनाया। इससे पहले 16 से 25 सितंबर तक दशलक्षण महापर्व चला और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के साथ उसका समापन हुआ। 27 सितंबर को क्षमावाणी के अवसर पर लोग परस्पर क्षमा मांगते और देते हैं।