आगरा। नालियों में गोबर बहाकर सफाई व्यवस्था को पलीता लगाने वाले डेयरी संचालक के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई की है। नगर निगम की टीम ने शंकरगढ़ पुलिया के पास स्थित केदार नगर में कलुआ राम के बाड़े पर कार्रवाई करते हुए चार भैंसों को जब्त कर लिया। नगर निगम की कार्रवाई से क्षेत्र के पशुपालकों में हड़कंप मच गया। पशु पालक ने जुर्माना के रूप में सोलह हजार रुपये नगर निगम कोष में जमा कराए हैं। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में संचालित डेयरी से निकलने वाले गोबर को नालियों में बहाया जा रहा था। इससे नालियां चोक होने के साथ गंदगी फैल रही थी और क्षेत्र की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। स्थानीय स्तर पर इस तरह की शिकायतें मिलने के बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और डेयरी संचालक के खिलाफ कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने बाड़े से चार भैंसों को जब्त कर लिया। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जब तक नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई पूरी नहीं होती, तब तक जब्त पशुओं को छोड़ा नहीं जाएगा। प्रत्येक भैंस पर आठ हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। जुर्माने की राशि जमा कराने के बाद ही पशुओं को छोड़ा जाएगा। नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद श्री नगर और आसपास के पशुपालकों में भी खलबली मच गई। कई पशु पालकों ने जानवरों को बाड़े से हटा दिया।निगम अधिकारियों ने पशुपालकों को चेतावनी दी कि डेयरियों से निकलने वाले गोबर और गंदे पानी को नालियों में बहाने से सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नालियों में गोबर और अन्य अपशिष्ट बहाने पर रोक है। इसके बावजूद यदि कोई डेयरी संचालक नियमों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने पशुपालकों से अपील की है कि वे गोबर के निस्तारण की उचित व्यवस्था करें और उसे नालियों में न बहाएं। वर्जन - नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। नालियों में गोबर बहाने से जल निकासी व्यवस्था बाधित होती है और गंदगी फैलती है। ऐसे मामलों में नगर निगम की ओर से नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। पशुपालक गोबर का उचित निस्तारण सुनिश्चित करें, अन्यथा जुर्माने के साथ पशु जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।