आगरा के इरादतनगर के सैंया ब्लॉक के चालीसी क्षेत्र में स्थित बृथला गांव का प्राचीन औषधि कुंड आज भी धार्मिक आस्था और पौराणिक मान्यताओं का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यहां हर वर्ष दो दिवसीय मेले का आयोजन होता है। इस दौरान आगरा सहित आसपास के क्षेत्रों और दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बृथला कुंड में स्नान करने और मंदिर में दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार बृथला कुंड में स्नान करने की प्राचीन परंपरा चली आ रही है। मान्यता है कि कुंड में श्रद्धा के साथ डुबकी लगाने से चर्म संबंधी रोगों से राहत मिलती है। इसी विश्वास के चलते जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं और कुंड में स्नान कर भगवान श्रीकृष्ण से सुख-स्वास्थ्य की कामना करते हैं। हालांकि, चर्मरोग ठीक होने संबंधी यह धार्मिक मान्यता है, इसे चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।