कमाई के लालच में शिवपुरी से एत्मादपुर बेचने को तीन लोडर में तिरपाल से ढक कर 30 भैंसें ले जाने का मामला बाह पुलिस ने पकड़ा है। तिरपाल के भीतर से छटपटाहट की आवाज पर पुलिस को शक हुआ। तिरपाल हटवाया तो अंदर का नजारा देख कर पुलिस भी हैरत में पड़ गई। कई भैंसें गले में बंधे रस्से से बेहोशी की हालत में लटकी हुई थीं। बाह थाने में पुलिस की ओर से दर्ज की गई प्राथमिकी के मुताबिक, शुक्रवार आधी रात को तहसील चौराहे पर चेकिंग के दाैरान बैरियर डालकर दो बोलेरो लोडर रोकीं। सवारों से माल के बारे में पूछताछ की, तो सकपकाने लगे। तभी तीसरी बोलेरो लोडर आ गई। बोलेरो लोडर पर पड़े तिरपाल से पशुओं के छटपटाने की आहट सुनाई दी। लोडर सवारों से तिरपाल हटवाया, कहने लगे भैंस लदी हैं। तिरपाल हटवाया तो कई भैंस बेहोशी की हालत में रस्से के सहारे लटकी हुई थीं। लोडर सवारों ने बताया भैंसों को शिवपुरी से खरीदकर रहनकला एत्मादपुर में बेचने ले जा रहे थे। बोलेरो सवारों ने अपने नाम पुरानी छावनी ग्वालियर के धर्मेंद्र, कागाराैल के अकबर उर्फ पूनिया, शिवपुरी के कदीरुद्दीन, परवेज खान, नासिर खान, कौच जालोन के रिजवान बताए। पुलिस ने तीनों लोडर में लदी भैंसों को उतरवाया। चालकों ने 19 भैंसों के दो बिल दिखाए, लेकिन लदी हुई भैंस की संख्या 30 थी। बाह पुलिस के मुताबिक तीन भैंसें बेहोश थीं। तीनों वाहनों के स्वामी पुरानी छावनी ग्वालियर के ताहिर, पुरानी शिवपुरी के खुशहाल कुरैशी, माहिर कुरैशी से संपर्क नहीं हो सका।