जाठियादेवी में नया शहर बसाने के लिए स्थानीय लोगों ने अपनी जमीनें देने से साफ इन्कार कर दिया है। लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर गरीब परिवारों की जमीनें जबरन कब्जे में ली जा रही हैं। ऐसा नहीं चलेगा। लोग इसका विरोध करेंगे। भूमि अधिग्रहण के खिलाफ बागी पंचायत ने शनिवार को ग्राम सभा भी बुलाई जिसमें ज्यादातर लोगों ने विरोध जताया। सभा ने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर इस योजना का विरोध कर दिया। पंचायत में शनिवार सुबह जैसे ही बैठक शुरू हुई कि गांव के लोगों ने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आवाज उठा दी। कहा कि पंचायत प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजे। सरकार लोगों की जमीनें नया शहर बसाने के लिए इस्तेमाल न करें। यदि सरकार को शहर बसाना ही है तो सरकारी जमीनों का इस्तेमाल करें। आम जनता की जमीनों का जबरन अधिग्रहण नहीं होना चाहिए। पंचायत प्रधान नरेश ठाकुर, उप प्रधान एवं संघर्ष समिति अध्यक्ष देसराज, बीडीसी सदस्य रामलाल ठाकुर का कहना है कि जमीन अधिग्रहण को लेकर कभी भी पंचायत से प्रस्ताव पारित नहीं किया गया था। पंचायत के आठ गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है जिसके खिलाफ अब ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर दिया गया है। स्थानीय निवासी एवं यूथ कांग्रेस टूटू के महासचिव अमित ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण लोग भूमि अधिग्रहण का पहले से विरोध कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को उनकी आवाज भी सुननी चाहिए।