पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सड़क से लेकर विधानसभा तक अपने विधायकों को मंत्री बनाने के दावे करते हैं, लेकिन जब इन दावों को कांग्रेस आलाकमान के सामने अमलीजामा पहनाने की बात आती है तो वह खामोश हो जाते हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा के भीतर एक विधायक को मंत्री बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद जनसभा में भी इस तरह की बात कही गई, लेकिन करीब एक साल बीतने के बावजूद उस घोषणा पर कोई अमल नहीं हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर अब उनकी अपनी पार्टी की हिमाचल प्रभारी के बयान से सवाल खड़े हो रहे हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस की हिमाचल प्रभारी ने मीडिया के सामने कहा है कि प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार का कोई प्रस्ताव नहीं आया है। जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री विधानसभा और जनसभाओं में मंत्री बनाने की बात कर रहे हैं तो पार्टी आलाकमान के पास प्रस्ताव क्यों नहीं भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे मुख्यमंत्री की ओर से किए जा रहे दावों और पार्टी स्तर पर वास्तविक स्थिति के बीच अंतर सामने आता है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी ही पार्टी की प्रभारी को अंधेरे में रखकर विधायकों को मंत्री बनाने का लालच दे रहे हैं और इसके जरिए अपना गुट मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी विधायक को डराकर अपने खेमे में रखने और किसी को मंत्री बनाने का भरोसा देकर साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक इसका मकसद मुख्यमंत्री की कुर्सी को सुरक्षित रखना है। नेता प्रतिपक्ष ने एक विधायक का जिक्र करते हुए कहा कि करीब एक वर्ष पहले विधानसभा में मुख्यमंत्री ने उन्हें मंत्री बनाने की बात कही थी। जयराम ठाकुर के अनुसार, उक्त विधायक मुख्यमंत्री के साथ लगातार नजर आते हैं और मुख्यमंत्री के विभिन्न कार्यक्रमों में उनके साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे से लेकर शिमला और मंडी के कार्यक्रमों तक उक्त विधायक की मौजूदगी दिखाई देती है। जयराम ठाकुर ने इसे मुख्यमंत्री के प्रति उनकी नजदीकी से जोड़ते हुए कहा कि मंत्री पद की घोषणा के बावजूद अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के कार्यकाल का काफी समय बीत चुका है। ऐसे में सवाल यह है कि मंत्रिमंडल विस्तार का प्रस्ताव आखिर कब आएगा और जिन विधायकों को मंत्री बनाए जाने की उम्मीद है, उन्हें यह मौका कब मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पर प्रदेश की जनता, विधानसभा और अपने विधायक साथियों को गुमराह करने का आरोप लगाया। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से किए गए मंत्री बनाने के दावों और कांग्रेस संगठन की ओर से सामने आए बयानों के बीच स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।