धनतेरस पर बर्तन और धातुओं से बनी वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार शुभ खरीदारी पर महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी शिमला के लोअर बाजार में धनतेरस से एक दिन पहले खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी, मगर दुकानों पर धातुओं के दाम सुनकर कई ग्राहकों का बजट बिगड़ गया। पिछले साल के मुकाबले तांबा, कांसा और एल्युमिनियम की कीमतों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है। इस बार सबसे ज्यादा उछाल तांबे की कीमतों में देखने को मिला है। पिछले वर्ष जिस तांबे को ग्राहक 1000 से 1300 रुपये प्रति किलो तक खरीद रहे थे, उसकी कीमत अब बढ़कर 2500 से 3000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। यानी तांबे के दाम एक साल में दोगुने से भी अधिक हो गए हैं। बढ़ती कीमतों का असर केवल तांबे तक सीमित नहीं है। कांसे के बर्तन खरीदने वालों को भी पहले के मुकाबले अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। पिछले साल कांसा 1200 से 1800 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था, जबकि इस वर्ष इसकी कीमत बढ़कर 1900 से 2200 रुपये प्रति किलो हो गई है। इसी तरह एल्युमिनियम के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष 350 से 600 रुपये प्रति किलो मिलने वाला एल्युमिनियम अब 500 से 800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। धनतेरस से पहले लोअर बाजार में सुबह से ही खरीदारी का माहौल देखने को मिला। लोग घरों के लिए नए बर्तन और धातुओं से बनी दूसरी वस्तुएं खरीदने पहुंचे। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले कीमतों में आए अंतर ने ग्राहकों को खरीदारी से पहले सोचने पर मजबूर कर दिया। कुछ ग्राहक जरूरत के मुताबिक सामान खरीद रहे हैं तो कुछ लोग बढ़े हुए बजट के कारण कम मात्रा में खरीदारी करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। बर्तन कारोबारी संजय राणा के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार धातुओं के दाम काफी बढ़ गए हैं। धनतेरस के लिए बाजार पहुंच रहे ग्राहकों को भी इन बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि तांबा, कांसा और एल्युमिनियम तीनों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण बर्तनों की खरीदारी पहले के मुकाबले महंगी हो गई है। लोअर बाजार में एक साल में धातुओं के दामों में अंतर (प्रति किलो में) धातु बीते वर्ष इस वर्ष एल्युमिनियम 350 से 600 500 से 800 कांसा 1200 से 1800 1900 से 2200 तांबा 1000 से 1300 2500 से 3000