जालंधर की दिलकुशा मार्केट में 40 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान अली मोहल्ला निवासी खेम चंद उर्फ सोनू के रूप में हुई है। परिजनों ने नान की रेहड़ी चलाने वाले व्यक्ति पर उसकी हत्या करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। डेढ़ साल से रेहड़ी पर करता था काम परिजनों के मुताबिक, सोनू पिछले 30 से 35 वर्षों से प्लाजा में काम करता था। बीमार रहने के कारण उसने करीब डेढ़ साल पहले नान की रेहड़ी पर बर्तन धोने का काम शुरू कर दिया था। बताया जा रहा है कि वह रेहड़ी के पास स्थित छत पर सोता था। सोनू के दो बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार, उसकी पत्नी बच्चों को अपने साथ लेकर अलग रहने लगी थी, जबकि परिवार के सदस्य नियमित रूप से उससे मिलने आते थे। रेहड़ी चालक के साथ विवाद होने का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया कि सोमवार को सोनू का रेहड़ी चालक के साथ विवाद हुआ था। परिवार का दावा है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और उसे छत पर फेंक दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों के अनुसार, रेहड़ी चालक ने उन्हें बताया था कि सोनू सीढ़ियों से गिर गया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि सोनू के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसकी मौत के लिए रेहड़ी चालक जिम्मेदार है। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। सिर में तेज दर्द होने की कही थी बात एक व्यक्ति ने बताया कि वह दो दिन पहले सोनू को रोटी देने गया था। उस समय सोनू ने सिर में काफी दर्द होने की बात कही थी। व्यक्ति के अनुसार, उसने सोनू को रोटी खिलाने की कोशिश की, लेकिन दर्द के कारण वह चिल्लाने लगा। उसने यह भी बताया कि उसे सोनू और रेहड़ी चालक के बीच हुए विवाद की जानकारी नहीं थी। व्यक्ति के मुताबिक, बुधवार सुबह जब वह छत पर पहुंचा तो सोनू का शरीर ठंडा पड़ा हुआ था। उसने लोगों से सोनू को अस्पताल ले जाने के लिए मदद मांगी, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार थाना नंबर 4 के जांच अधिकारी के मुताबिक, स्थानीय लोगों से पूछताछ के दौरान पता चला कि सोनू शराब पीने का आदी था और घर नहीं जाता था। पुलिस ने मौत को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है। शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच अधिकारी ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सोनू की मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा। परिजनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर न्याय दिलाने की मांग की है।