फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमबीबीएस में दाखिले के लिए 40 लाख की प्रॉपर्टी की शर्त से अभ्यर्थियों व अभिभावकों में रोष

बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज फरीदकोट की ओर से एमबीबीएस काउंसलिंग के पहले राउंड की सीट अलॉटमेंट 27 अगस्त को की जानी है, जबकि दाखिला प्रक्रिया 30 अगस्त से शुरू होगी। इससे पहले सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए 40 लाख रुपये की प्रॉपर्टी सिक्योरिटी से जुड़ी शर्त को लेकर अभ्यर्थियों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को 20 लाख रुपये का सर्विस बॉन्ड भरना होता है। इसके साथ दो जमानतदारों की जरूरत होती है और प्रत्येक जमानतदार को कम से कम 20 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्ति की जमानत देनी होती है। इस प्रकार दोनों जमानतदारों की संपत्ति की कुल निर्धारित कीमत 40 लाख रुपये बनती है। यह मामला पटियाला, अमृतसर, फरीदकोट और मोहाली स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीट हासिल करने वाले विद्यार्थियों से जुड़ा है। नीति के तहत स्टेट कोटा के विद्यार्थियों को एमबीबीएस की पढ़ाई और इंटर्नशिप पूरी करने के बाद राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दो वर्ष तथा ऑल इंडिया कोटा के विद्यार्थियों को एक वर्ष सेवा देनी होती है। अभिभावकों का कहना है कि संपत्ति आधारित जमानत की यह व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न-मध्यम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। विद्यार्थी नीट में अपनी योग्यता और ईडब्ल्यूएस जैसी पात्रता के आधार पर सरकारी सीट हासिल कर सकता है, लेकिन परिवार के पास 20-20 लाख रुपये मूल्य की दो अलग-अलग संपत्तियां होना जरूरी नहीं है। इस मामले में पंजाब के डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डॉ. अविनिश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार प्रक्रिया अपना रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के पास संपत्ति के अलावा आवश्यक जमानत देने के अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं। बता दें कि 2025-26 के दाखिला सत्र के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो संपत्ति आधारित सॉल्वेंसी जमानत पर जोर देने से रोक दिया था, बशर्ते विद्यार्थी निर्धारित प्रारूप में सर्विस बॉन्ड और आवश्यक अंडरटेकिंग जमा करवाएं। अभिभावकों का कहना है कि यूनिवर्सिटी के सामान्य निर्देशों और प्रॉस्पेक्टस में संपत्ति के अलावा उपलब्ध विकल्प को स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने पंजाब सरकार, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी तथा संबंधित मेडिकल कॉलेजों से दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें