नशा विरोधी कार्यकर्ता झोटा की हत्या और मानसा में हुई हत्या के विरोध में दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का होशियारपुर में व्यापक असर देखने को मिला। बंद के चलते शहर के स्कूल, कॉलेज, व्यापारिक प्रतिष्ठान, दुकानें और बाजार बंद रहे। कई इलाकों में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बंद के समर्थन में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शहर में रोष मार्च निकाले और नशे के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने हत्याओं की घटनाओं पर रोष जताते हुए पंजाब में नशे के बढ़ते खतरे और नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। इस दौरान कुछ दुकानें और संस्थान बंद के आह्वान के बावजूद खुले रहे, जिन्हें प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पहुंचकर बंद करवा दिया। बंद के कारण शहर में सामान्य जनजीवन, व्यापारिक गतिविधियों और शैक्षणिक कार्यों पर असर पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पंजाब में नशे के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाई जाए और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने हत्याओं के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।