आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता जिनको मोगा विधान सभा से टिकिट न मिलने पर वर्ष 2022 में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ चुके नवदीप संघा करीब चार साल बाद विदेश से वापस लौटने के बाद एक बार फिर सक्रिय राजनीति में नजर आए। मोगा पहुंचने के बाद उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर राजनीतिक गतिविधियां तेज करने के संकेत दिए। नवदीप संघा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी पार्टी का केवल वर्कर बनने के बजाय पहले एक राजनीतिक कार्यकर्ता बनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से वह सक्रिय राजनीति से दूर जरूर रहे, लेकिन विदेश में रहते हुए भी अपने समर्थकों के संपर्क में रहे और तैयारियां करते रहे। उन्होंने कहा, “पहले हमेशा घोड़ी को तैयार करते रह जाते थे और काठी कोई और डाल जाता था। इस बार काठी हम तैयार करेंगे और यह समय बताएगा कि काठी कहां डालनी है।” उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मोगा की राजनीतिक फिजा में बदलाव देखने को मिल सकता है। 2022 में आम आदमी पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद नवदीप संघा ने संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली। चुनाव के बाद वह विदेश चले गए थे।.अकाल तख्त के जत्थेदार के अधिक बच्चे पैदा करने संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि वह इस विचार का स्वागत करते हैं, लेकिन साथ ही एसजीपीसी को हर तीसरे बच्चे के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई तक का खर्च उठाने की योजना बनानी चाहिए। पगड़ी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पंजाब से बाहर से आने वाले किसी भी बड़े नेता के सिर पर राजनीतिक कार्यक्रमों में पगड़ी पहनाना और थोड़ी देर बाद उसका उतार दिया जाना भी बेअदबी है। इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी होना चाहिए। नशे के मुद्दे पर उन्होंने बेरोजगारी को भी बड़ी समस्या बताते हुए डिग्री के आधार पर युवाओं को लोन देने की योजना शुरू करने की मांग की। मनप्रीत बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कनाडा में छात्रों के वर्क परमिट को लेकर किए जा रहे दावों पर भी सवाल उठाए। अंत में नवदीप संघा ने कहा, “मोगा के लोग मेरी पार्टी हैं और मोगा ही मेरा चुनाव निशान है।”