ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों को राहत मिलने में हो रही देरी अब राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। बुधवार शाम पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने गांव वांदर जटाणा पहुंचकर प्रभावित किसानों से मुलाकात की और नुकसान की स्थिति का जायजा लेते हुए पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। चन्नी ने कहा कि वांदर जटाणा और आसपास के गांवों में धान व बासमती की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा गांव के दो राइस मिलों को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक गिरदावरी नहीं करवाई गई। उन्होंने कहा कि जब नुकसान का आकलन ही नहीं हुआ, तो किसानों को मुआवजा मिलने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। कांग्रेस के हलका इंचार्ज अजयपाल सिंह संधू सहित अन्य नेताओं के साथ पहुंचे चन्नी ने प्रभावित किसानों को उनके हक के लिए आवाज उठाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या को संसद में भी उठाया जाएगा, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके। इस दौरान चन्नी ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय घोषणाएं करना आसान है, लेकिन प्रभावित लोगों तक आर्थिक सहायता पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को नुकसान झेलने के बावजूद अभी तक राहत देने की दिशा में ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। चन्नी ने दावा किया कि राज्य सरकार विभिन्न वर्गों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है और आगामी चुनावों में लोग कांग्रेस का समर्थन करेंगे।